OCI status of foreigners who voted in Tamil Nadu Assembly election comes under scrutiny

तामिलनाडु विधानसभा चुनाव में विदेशी मूल के ओसीआई धारकों द्वारा धांधली से मतदान करने की घटनाओं में बढ़ोतरी ने चुनाव प्राधिकरण और कानून व्यवस्था एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, अब तक 30 ऐसे विदेशी मूल के लोगों की पहचान हुई है, जिन्होंने अवैध तरीके से मतदान किया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों ने तत्काल जांच शुरू कर दी है।

विदेशी नागरिक जो विदेशी नागरिकता होने के बावजूद ओसीआई कार्ड प्राप्त करते समय यह घोषणा करते हैं कि उन्होंने अपने मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी कार्ड) छोड़ दिए हैं या अपने नाम चुनावी सूची से हटवा लिए हैं, ऐसे मामलों में अब इन दावों को गलत घोषित कर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार की झूठी घोषणा कानून के तहत अपराध मानी जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

चुनावी अधिकारियों ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान लोकसभा और विधानसभा चुनावों में निष्पक्षता बनाए रखना अनिवार्य होता है। इस दिशा में पहली बार विदेशी मूल के किसी समुदाय से जुड़ी इस तरह की समस्या सामने आई है, जिसे गंभीरता से लिया जा रहा है। चुनाव आयोग ने इस मामले में सतर्कता बढ़ाई है और उन सभी मतदाताओं की जांच कराई जा रही है जिनके पास ओसीआई कार्ड है ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अनधिकृत मतदान न कर सके।

प्रदेश में चुनावों के दौरान चुनाव अधिकारियों और पुलिस ने कई राउंड की जांच-पड़ताल की जिससे इस सूची में 30 विदेशी मूल के लोगों की पहचान हुई जो धोखाधड़ी से मतदान कर चुके हैं। इस संबंध में चुनाव आयोग द्वारा नोटिस जारी किया गया है और संबंधित लोगों को जवाब देने के लिए बुलाया गया है। यदि यह साबित होता है कि उन्होंने सच नहीं बताया तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

इस मुद्दे का राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही स्तर पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है क्योंकि यह चुनाव व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाता है। चुनाव आयोग का भी यह फरमान है कि विदेशी मूल के ओसीआई कार्डधारक अगर वह अपनी भारतीय नागरिकता छोड़ चुके हैं तो वे मतदान के लिए पात्र नहीं हैं और यदि उन्होंने ऐसा किया है तो यह एक अवैध कार्य होगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस मामले की न्यायिक और प्रशासनिक जांच दोनों ही आवश्यक हैं ताकि भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके। साथ ही, मतदान प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए तकनीकी उपायों को भी तेज किया जा रहा है।

अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे इस प्रकार की अनियमितताओं की सूचना चुनाव आयोग या संबंधित प्रशासनिक इकाइयों को दें ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और स्वच्छ रहे। साथ ही विदेशी मूल के नागरिकों को भी सतर्क रहने और नियमों का सम्मान करने का आग्रह किया गया है। इस मामले में आगामी दिनों में और जानकारी सामने आने की संभावना है, जिसके बाद विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी।

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