न्यूयॉर्क, संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय: अनंत नेशनल यूनिवर्सिटी की छात्र वाग्मी वी.एस. ने 2026 के ईसीओएसओसी यूथ फोरम में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए एक महत्वपूर्ण बहस पेश की। अपने भाषण में, वाग्मी ने वर्तमान समय में व्याप्त ‘क्लाइमेट एंग्जायटी’ से हटकर ‘क्लाइमेट ओनरशिप’ की भूमिका पर जोर दिया।
वाग्मी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन को लेकर सिर्फ चिंता करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति और समुदाय को इसके समाधान में सक्रिय भागीदारी निभानी होगी। उन्होंने ‘क्लाइमेट एंग्जायटी’ को एक नकारात्मक भावना के रूप में बताया, जो लोगों के अंदर निराशा और हतोत्साह पैदा करती है, जबकि ‘क्लाइमेट ओनरशिप’ के माध्यम से लोग अपनी जिम्मेदारी समझते हैं और ठोस कदम उठाते हैं।
वाग्मी ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा, “मेरा मानना है कि जलवायु संकट से निपटने के लिए हमें सिर्फ चिंता या भय से आगे बढ़कर, अपना दायित्व समझना होगा। हमें सरकारों, संस्थानों और व्यक्तिगत स्तर पर मिलकर काम करना होगा ताकि स्थायी और दीर्घकालिक समाधान निकल सकें। यही असली बदलाव की कुंजी है।”
यह बहस संयुक्त राष्ट्र के स्थायी विकास लक्ष्यों के संदर्भ में आयोजित की गई थी, जिसमें युवा प्रतिनिधियों को जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के मुद्दों पर संवाद का महत्वपूर्ण मंच मिला। वाग्मी ने अपने व्याख्यान में भारत के कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का भी उल्लेख किया, जो जलवायु संकट से निपटने के लिए किए जा रहे हैं।
विशेष रूप से, वाग्मी ने भारत में बढ़ रहे स्वच्छ ऊर्जा प्रोजेक्ट्स, प्लास्टिक उपयोग में कमी और वृक्षारोपण अभियानों पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि युवाओं के लिए यह जरूरी है कि वे भी इन पहलों के साथ जुड़ें और अपने स्तर पर जागरूकता फैलाएं।
अनंत नेशनल यूनिवर्सिटी की ओर से वाग्मी के इस प्रतिनिधित्व को देश के लिए गौरवशाली क्षण बताया गया है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने कहा कि युवाओं को ऐसे मंचों पर हिस्सा लेकर वैश्विक मुद्दों पर भारत की आवाज बुलंद करनी चाहिए।
इस फोरम ने युवाओं को अपनी बात रखने और जलवायु संकट जैसे गंभीर विषयों पर प्रभावी समाधान सुझाने का अवसर प्रदान किया। वाग्मी वी.एस. ने इस मौके का पूर्ण उपयोग करते हुए भारत का सकारात्मक और जिम्मेदार चेहरा विश्व के सामने प्रस्तुत किया है।
यह पहल युवाओं के बीच पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले वर्षों में और भी कई युवा इस मुहिम से जुड़ेंगे।

