इंग्लैंड के क्रिकेट मुख्य कोच मैककुलम ने हाल ही में यह स्वीकार किया है कि टीम आशेज़ श्रृंखला के दौरान आक्रमक खेल से भटक गई थी। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि बल्लेबाजी और गेंदबाजी में आक्रमण पर ध्यान कम देने के कारण टीम को संघर्ष का सामना करना पड़ा।
मैककुलम ने कहा, “हमने कुछ मैचों में अपने आक्रामक खेल को खो दिया था। आशेज़ में हम उस शैली को स्थापित नहीं कर पाए जो हमने पहले वर्षों में अपनाई थी।” इसके बावजूद, उन्होंने डब्ल्यूएचआईटीए-बॉल क्रिकेट में इंग्लैंड की पहचान की सराहना की और कहा कि वह एक सशक्त और आक्रमक टीम के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखने की उम्मीद करते हैं।
उन्होंने आगे कहा, “वाइट-बॉल क्रिकेट में, हमारी टीम ने अपनी एक अलग पहचान बना ली है। हम विश्व कप के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और खिलाड़ी अपनी भूमिका को अच्छी तरह समझते हैं।” मैककुलम का मानना है कि आक्रमक खेल के माध्यम से ही इंग्लैंड टीम भविष्य में बड़ी सफलताएं हासिल कर सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मैककुलम का यह बयान इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के लिए एक संकेत हो सकता है कि टीम विकास की दिशा में नई रणनीतियों पर काम कर रही है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले सालों में इंग्लैंड की टीम न केवल टेस्ट मैचों में, बल्कि सीमित ओवर के प्रारूपों में भी अपनी टीम के खेल को और बेहतर बनाएगी।
इस बीच, टीम के कप्तान और कोच दोनों ने खिलाड़ियों के मनोबल को ऊंचा रखने पर जोर दिया है ताकि अगली प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। मैककुलम ने उम्मीद जताई कि नए सत्र में इंग्लैंड की टीम मैदान पर आक्रमक और सशक्त रूप से दिखेगी।

