त्रिवेंद्रम। केरल विधानसभा में उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम. जॉन की ओर से बोलते हुए शिक्षा मंत्री सैमसुद्दीन ने स्पष्ट किया कि छात्रों को किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता की जरूरत होने पर सरकार पूरी मदद प्रदान करेगी। विधानसभा में यह बयान इस समय आया है जब राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की परीक्षाओं को लेकर राज्य में बड़ी चिंता व्याप्त है।
उन्होंने बताया कि सरकार छात्रों के हित में हर संभव कदम उठा रही है और कोई भी छात्र अपने अधिकारों के लिए कानूनी सहारा लेना चाहता है तो उसे सरकार की तरफ से उचित सहयोग मिलेगा। सैमसुद्दीन ने कहा कि शिक्षा प्रणाली में अगले स्तर की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की सुरक्षा प्राथमिकताएं हैं, और इसी के तहत परीक्षाओं के दौरान उत्पन्न संकट को संबोधित किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि केरल सरकार ने भारतीय केंद्र सरकार को एक पत्र लिखा है, जिसमें परीक्षाओं में आई समस्याओं और उन पर राज्य के सुझावों को प्रेषित किया गया है। इस पत्र में परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था, छात्रों की सुरक्षा तथा समय-समय पर बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का समुचित पालन सुनिश्चित करने का मुद्दा प्रमुख रूप से शामिल है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि देशभर की परीक्षाओं के संदर्भ में छात्रों की चिंता को गंभीरता से लिया जा रहा है और यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह उनकी परेशानी का समाधान करे। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के पक्ष में लिए गए फैसलों को लेकर सरकार पूरी तरह पारदर्शिता और सहानुभूति के साथ काम कर रही है।
विशेष रूप से NEET परीक्षा को लेकर आने वाली कठिनाइयों के बीच, मंत्रालय की ओर से यह आश्वासन दिया गया है कि किसी भी छात्र को अपने करियर के अवसरों से वंचित नहीं किया जाएगा। इसके लिए सभी कानूनी प्रक्रिया और सुविधाएं उपलब्ध करवाने का काम तेजी से किया जाएगा।
ये बयान उस समय आये हैं जब देश भर में परीक्षाओं की तारीखों और व्यवस्थाओं को लेकर छात्रों और अभिभावकों में असमंजस बना हुआ है। केरल में विशेष रूप से यह मुद्दा ज्यादा गंभीर रूप ले रहा है क्योंकि यहां के कई छात्र भाषा, सें्टर स्थानांतरण और कोविड-19 जैसी स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच परीक्षा देने की तैयारी कर रहे हैं।
सरकार ने आश्वासन दिया है कि सभी बाधाओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा ताकि छात्रों को परीक्षा में कोई परेशानी न हो। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी छात्र अपनी समस्या लेकर सीधे संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकता है।
इस पूरे मामले में शिक्षा मंत्री सैमसुद्दीन की प्रतिबद्धता और सरकार की सक्रियता से उम्मीद की जा रही है कि आगामी परीक्षाएं सुचारू और सुरक्षित तरीके से आयोजित होंगी। छात्रों के उज्जवल भविष्य की रक्षा के लिए राज्य सरकार पूरी तरह सजग और तैयार है।
