नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने हाल ही में चर्चा में आए बल्लेबाज सूरजकुमार यादव के चयन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। अश्विन का मानना है कि सूरजकुमार को अपनी क्षमता साबित करने और फॉर्म पाने के लिए थोड़ा और समय दिया जाना चाहिए था। उनका कहना है कि असामयिक बाहर होना खिलाड़ियों के मानसिक और करियर विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
रविचंद्रन अश्विन ने एक इंटरव्यू में कहा, “सूरजकुमार ने अपने करियर में कई बेहतरीन पारियां खेली हैं, लेकिन जब उन्हें मौके मिले, तो वे पूरी तरह से आत्मविश्वास के साथ खेल नहीं पाए। ऐसे में चयनकर्ताओं को उन्हें थोड़ी और सहनशीलता दिखानी चाहिए थी ताकि वे फॉर्म में वापस आ सकें।”
बाएं हाथ के बल्लेबाज सूरजकुमार यादव ने पिछले कुछ मैचों में समानताएं दिखाईं, लेकिन निरंतरता की कमी और फ्लॉप प्रदर्शन ने उनकी टीम में जगह को खतरे में डाल दिया। अश्विन ने यह भी जोर दिया कि चयन प्रक्रियाएं भविष्य में ज्यादा संवेदनशील और दूरदर्शी होनी चाहिए ताकि युवाओं को मौके मिलने के बाद भरोसे का माहौल मिले और वे अपने प्रदर्शन को बेहतर बना पाएं।
इस बीच, चयनकर्ताओं के फैसलों पर चर्चा तेज हो गई है। कई क्रिकेट विशेषज्ञ और पूर्व खिलाड़ी भी आशंका जता रहे हैं कि अगर खिलाड़ियों को समय और मौके नहीं मिले, तो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय टीम की गहराई प्रभावित हो सकती है।
अश्विन जैसे अनुभवी खिलाड़ी का यह मत खिलाड़ियों के मनोबल और टीम की स्थिरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि चयनकर्ताओं को एक संतुलित और भविष्य के आधार पर फैसले लेने चाहिए, जिससे प्रतिभा की कद्र बनी रहे और लंबी अवधि में टीम को लाभ हो।
भारतीय क्रिकेट में प्रतिभा का विकास और निरंतरता बनाए रखना टीम की सफलता के लिए अनिवार्य है, और इस दिशा में चयनकर्ताओं का रुख निर्णायक भूमिका निभाता है। ऐसा लगता है कि अश्विन की राय से चयन समिति को आगामी चुनौतियों और फैसलों पर पुनर्विचार करना होगा।

