चेरपुलस्सेरी से: श्री पुथानलक्कल भगवती मंदिर में आगामी 26 और 27 जून 2026 को प्रतिष्ठा दिवस और लक्षर्चना का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह वार्षिक उत्सव मंदिर की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक प्रथाओं में से एक है, जो श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा और समर्पण के साथ जोड़ता है।
श्री पुथानलक्कल अम्मा की प्रतिष्ठा का यह समारोह क्षेत्र के लोगों के लिए मात्र एक पारंपरिक आयोजन नहीं, बल्कि उनकी आस्था और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। मंदिर परिसर में इन दो दिनों तक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में भक्त हिस्सा लेंगे।
इस विशेष अवसर पर लक्षर्चना का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें भगवती की अनेक रूपों की स्तुति की जाएगी। लक्षर्चना के दौरान एक लाख (लक्ष) मंत्रों का जप मंदिर प्रांगण में भक्तों के समक्ष संपन्न होगा, जिससे पूरे वातावरण में दिव्यता का संचार होगा। यह अनुष्ठान भक्तों की मनोकामनाओं को पूर्ण करने तथा समुदाय में सौहार्द बढ़ाने में सहायक माना जाता है।
मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। हर साल की तरह इस बार भी सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता और प्रवासन प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि श्रद्धालु पूरे उत्सव का निर्विघ्न आनंद ले सकें। स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर आगामी दो दिनों के लिए विशेष योजना बनाई गई है, ताकि श्रद्धालु आस्था के साथ धार्मिक अनुष्ठान में सम्मिलित हो सकें।
श्री पुथानलक्कल भगवती मंदिर का यह प्रतिष्ठा दिवस न केवल धार्मिक महत्त्व रखता है बल्कि सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित करने और जागरुकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आने वाले दिनों में मंदिर परंपरागत भूषणों और सजावटों से सज जाएगा तथा भक्ति गान, कथाएं एवं भजन-कीर्तन के माध्यम से श्रद्धालु भगवान की महिमा का गुणगान करेंगे।
इस उत्सव के मौके पर विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में भक्त चेरपुलस्सेरी पहुंचेंगे। स्थानीय व्यवसायिक और सामुदायिक संस्थाएं भी इस आयोजन में सहयोग प्रदान कर रही हैं। मंदिर के पुजारियों ने सभी से निवेदन किया है कि वे विधि-विधान का सम्मान करें और मंदिर परिसर में अनुशासन बनाए रखें।
यह प्रतिष्ठा दिवस समारोह श्री पुथानलक्कल भगवती मंदिर की आध्यात्मिक महत्ता को पुनः स्थापित करता है और श्रद्धालुओं को एकत्रित कर सामाजिक सहयोग और धार्मिक शांति का संदेश देता है। सभी भक्तगण इस अवसर पर मंदिर जाकर भगवान की आराधना एवं आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे।

