बेंगलुरु, 27 अप्रैल 2024: कर्नाटक सरकार ने राज्य के ग्रामीण इलाकों में डिजिटल शिक्षा को मजबूती देने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। इसके तहत 2,000 एआई-सक्षम KEO पीसी (कंप्यूटर) तैनात किए जाएंगे, जो 239 तालुओं की व्यापक डिजिटल पहुंच को सुनिश्चित करने का प्रयास है। यह पहल डिजिटल विभाजन को पाटने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस योजना का उद्देश्य मुख्य रूप से ग्रामीण छात्रों तक आधुनिक तकनीकी संसाधनों को पहुंचाना और उन्हें ऑनलाइन शिक्षा के अवसर प्रदान करना है। कर्नाटक सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी शहरी क्षेत्रों की तरह डिजिटल युग की तकनीक से लाभान्वित हो सकें। डिजिटल उपकरणों की यह तैनाती शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति को जन्म देने वाली है।
KEO पीसी विशेष रूप से ग्रामीण साक्षरता और शिक्षा के विस्तार में मददगार साबित होंगे। यह उपकरण बुद्धिमान सिस्टम से लैस हैं, जो छात्रों को उनकी शिक्षा के अनुरूप सामग्री उपलब्ध कराने में सक्षम हैं। इसके अलावा, यह पीसी शिक्षकों को भी बेहतर डिजिटल टूल्स का उपयोग करके पढ़ाई के तरीके को और प्रभावी बनाने में सहायता करेंगे।
यह योजना केवल तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ ही डिजिटल साक्षरता अभियान भी चलाया जाएगा, जिसमें ग्रामीण समुदायों को कंप्यूटर उपयोग, इंटरनेट नेविगेशन और डिजिटल ज्ञान सिखाया जाएगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा और युवा वर्ग रोजगार की नई संभावनाओं से प्रेरित होगा।
प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने बताया, “हमारा प्रयास है कि शिक्षा के हर क्षेत्र को तकनीक के साथ जोड़कर छात्रों के विकास में सहायक साबित हों। यह योजना 239 तालुकों तक विस्तार करेगी ताकि हर विद्यार्थी तक डिजिटल शिक्षा पहुंच सके।” उन्होंने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय डिजिटल शिक्षा दृष्टि के अनुरूप है और इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल समावेशन को बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि कर्नाटक की यह पहल देश में डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में एक मिसाल स्थापित करेगी। इससे अन्य राज्यों को भी अपने ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल क्रांति लाने के लिए प्रेरणा मिलेगी। साथ ही यह पहल छात्रों की तकनीकी दक्षता में सुधार कर रोजगारोन्मुखी शिक्षा को मजबूत करेगी।
सरकार की इस योजना को लेकर ग्रामीण समाज में भी उत्साह देखा जा रहा है। अब बच्चे और युवा नवीनतम तकनीक तक सुलभता से पहुंच पाएंगे, जिससे उनकी शिक्षा में सुधार होगा और वे प्रतिस्पर्धात्मक दुनिया में बेहतर स्थान प्राप्त कर सकेंगे।
कुल मिलाकर यह कदम कर्नाटक की समग्र डिजिटल रणनीति का एक अहम हिस्सा है जो शिक्षा, विकास और अवसरों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। डिजिटल शिक्षा की इस पहल से राज्य के हर कोने में बदलाव की उम्मीद है जो आने वाली पीढ़ियों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगी।

