नई दिल्ली। एक नई वैज्ञानिक अध्ययन में यह सामने आया है कि फल और सब्जियां सभी पोषक तत्वों के मामले में समान नहीं होतीं, खासतौर पर फ्लावेनॉल की मात्रा के संदर्भ में। फ्लावेनॉल एक प्रकार का प्राकृतिक यौगिक है जो हृदय स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह अध्ययन इस बात पर रोशनी डालता है कि किस प्रकार के फल और सब्जियां हमारे दिल की सुरक्षा में अधिक मददगार साबित हो सकती हैं।
इस शोध में विशेषज्ञों ने विभिन्न प्रकार के फल और सब्जियों का विश्लेषण किया और पाया कि फ्लावेनॉल सामग्री में महत्वपूर्ण भिन्नता होती है। कुछ फल और सब्जियां दूसरों की तुलना में अधिक फ्लावेनॉल प्रदान करती हैं, जो हृदय रोगों के खतरे को कम करने में सहायक होती हैं।
शोध के मुख्य सम्बंधित वैज्ञानिक डॉ. रवीश कुमार ने बताया कि “हमने इन खाद्य पदार्थों के फ्लावेनॉल स्तर को मापा और यह पाया कि केवल अधिक मात्रा में फल और सब्जियां खाने से ही नहीं, बल्कि खास किस्म की फलों और सब्जियों का चयन करने से हृदय स्वास्थ्य बेहतर हो सकता है।”
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि चमकीले रंग वाले फल, जैसे ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी और एपल्स के साथ-साथ ग्रीन टी और ब्रोकली जैसे सब्जियों को अपनी दैनिक आहार में शामिल किया जाना चाहिए, क्योंकि इनमें फ्लावेनॉल की मात्रा अधिक पाई जाती है।
हृदय रोग आज विश्वभर में मृत्यु का एक प्रमुख कारण हैं, और पोषण के माध्यम से इनका नियंत्रण बेहद जरूरी है। इस अध्ययन से यह स्पष्ट हो गया है कि सभी फल और सब्जियाँ समान पोषण मान नहीं रखतीं और फ्लावेनॉल जैसे विशेष पोषक तत्वों की दृष्टि से चयनित आहार ही अधिक लाभकारी होता है।
डायटिशियन और हेल्थ एक्सपर्ट इरा शर्मा ने कहा, “यह शोध हमें हमारी रोजमर्रा की खाद्य सूची पर पुनर्विचार करने की प्रेरणा देता है। हमें अपने भोजन में अधिक समझदारी से फल और सब्जियों को शामिल करना चाहिए ताकि हृदय संबंधी बीमारियों से बचाव हो सके।”
अंततः, यह अध्ययन न केवल पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने में सहायक है, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए नई दिशा भी प्रदान करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित और फ्लावेनॉल युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन आपके दिल को स्वस्थ रखने के लिए एक प्रभावी तरीका हो सकता है।

