पत्रकार: भारतीय सिनेमा के महान निर्देशक और अभिनेता भरतिराजा के निधन पर उनके शिष्य और अभिनेता-पहचान निर्माता पोनवन्नन ने एक भावुक श्रद्धांजलि व्यक्त की है। पोनवन्नन ने अपने करियर की शुरुआत भरतिराजा के निर्देशन में की थी और उन्होंने बताया कि कैसे भरतिराजा ने उनकी जिंदगी और करियर को गहराई से प्रभावित किया।
पोनवन्नन ने बताया कि भरतिराजा सिर्फ एक निर्देशिका ही नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक, एक गुरु और एक सच्चे मित्र थे। उन्होंने कहा, “भरतिराजा सर ने मुझे न केवल अभिनय सिखाया, बल्कि फिल्मों के प्रति मेरा नजरिया भी बदला। उनके साथ बिताए पलों की यादें मेरे दिल के सबसे करीब हैं।”
भरतिराजा को दक्षिण भारतीय सिनेमा में ‘इयक्कुनार इमयम’ के नाम से जाना जाता था, जिसका अर्थ है ‘फिल्मसृजन का बादल’। उन्होंने सामाजिक मुद्दों को बड़े प्रभावशाली ढंग से पर्दे पर उतारा और नई प्रतिभाओं को मौका देकर सिनेमा की दुनिया को समृद्ध किया।
पोनवन्नन ने अपनी श्रद्धांजलि में उल्लेख किया कि भरतिराजा के निर्देशन में काम करना उनके लिए एक सपने के सच होने जैसा था। उन्होंने कहा, “जब भी मैं सेट पर जाता था, मुझे नई सीख मिलती थी। उनके निर्देश में काम करना मेरे लिए एक सम्मान की बात थी।”
भरतिराजा की फिल्में अक्सर ग्रामीण जीवन की कहानियों पर आधारित होती थीं, जिनमें सामाजिक वास्तविकताओं को सजीवता के साथ प्रस्तुत किया जाता था। उनके फिल्मी सिनेमैटोग्राफी और कथा शैली ने भारतीय सिनेमा में एक नया आयाम जोड़ा।
पोनवन्नन ने अंतिम शब्दों में कहा, “भरतिराजा सर का जाना हमारे लिए एक बहुत बड़ा नुकसान है, लेकिन उनकी फिल्में और उनकी शिक्षाएं हम सबके दिलों में हमेशा जिन्दा रहेंगी। मैं उन्हें एक गुरु, एक मार्गदर्शक और एक सच्चे कलाकार के रूप में याद करूँगा।”
इस प्रकार, पोनवन्नन ने भरतिराजा के प्रति अपनी श्रद्धांजलि के माध्यम से भारतीय सिनेमा के इस महान हस्ती को याद किया, जिन्होंने फिल्मों के माध्यम से न केवल मनोरंजन किया, बल्कि समाज को सोचना भी सिखाया।
