जी7 शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन महत्वपूर्ण खनिजों पर चीन की निर्भरता पर चर्चा
जी7 नेताओं ने शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति और चीन पर निर्भरता कम करने के उपायों पर गहन चर्चा की। यह मुद्दा वैश्विक आर्थिक सुरक्षा और तकनीकी प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अवधि के दौरान, प्रतिभागी देशों ने उन खनिजों का जिक्र किया जो उन्नत तकनीक और हरित ऊर्जा के विकास में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं, जैसे लिथियम, कोबाल्ट, और रेयर अर्थ मेटल्स। चीन की वैश्विक खनिज आपूर्ति में प्रमुख भूमिका के कारण, जी7 देशों ने आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक विविध और प्रतिरोधी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में, वैश्विक मांग में वृद्धि और राजनीतिक तनावों के चलते इन खनिजों की सुरक्षा और स्थिर आपूर्ति चुनौतिपूर्ण हो गई है। इस संदर्भ में, जी7 ने संयुक्त रूप से नई निवेश योजनाओं, शोध एवं विकास को बढ़ावा देने तथा वैकल्पिक स्रोतों के अन्वेषण पर सहमति व्यक्त की।
जी7 के नेताओं ने यह भी स्वीकार किया कि चीन के साथ सहयोग को पूरी तरह से समाप्त करना संभव नहीं है, लेकिन सहकारी प्रतिस्पर्धा के जरिए वैश्विक बाजार के अनिश्चितताओं को कम किया जा सकता है। उन्होंने सतत विकास और हरित ऊर्जा संक्रमण के लिए सामूहिक रणनीतियों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी जताया।
शिखर सम्मेलन में शामिल कई अधिकारियों ने बताया कि इस मुद्दे पर आगे भी नियमित संवाद बनाए रखना जरूरी होगा, ताकि वैश्विक आर्थिक ढांचे को मजबूत किया जा सके और तकनीकी नवाचारों को गति दी जा सके। इस प्रकार, जी7 देशों ने आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्र में संतुलन स्थापित करने हेतु कदम बढ़ाने की दिशा में ठोस पहल की और वैश्विक सुरक्षा के लिए रणनीतिक गठजोड़ को प्रोत्साहित किया।
इस क्षेत्र में भविष्य में और भी कई योजनाओं एवं पहलों की घोषणा की अपेक्षा है, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक भरोसेमंद बनाएंगी और हरित ऊर्जा के सपनों को साकार करेंगी।

