इंग्लैंड की मातृत्व सेवाओं की स्वतंत्र जांच में पाया गया है कि “अस्वीकार्य नस्लवाद और भेदभाव” मरीजों की सुरक्षा को प्रभावित कर रहे हैं। यह रिपोर्ट NHS की मातृत्व इकाइयों में गहरी जड़ें जमा चुके सामाजिक और संस्थागत समस्याओं की ओर गंभीर चेतावनी देती है।
जांचकर्ताओं ने Mothers and Babies: Reducing Risk through Continuous Service Improvement (MBRRACE-UK) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि गर्भावस्था और प्रसव के दौरान नस्लीय भेदभाव से संबंधित घटनाएं माताओं और नवजात शिशुओं के जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नस्लीय अल्पसंख्यक समूहों की देखभाल में कमियां होने की वजह से मृत्यु दर अधिक है।
स्वतंत्र जांच के प्रमुख शोधकर्ता डॉ. एमी जॉनसन ने कहा, “हमने पाया है कि नस्लवाद मातृत्व तथा प्रसव की सेवाओं में व्यापक है और यह एक गंभीर खतरा है जो मरीजों की सुरक्षा के प्रति सीधे असर डालता है।” उनकी अपील है कि NHS को तुरंत ही इस दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे ताकि हर महिला को बराबर का और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवा मिल सके।
जांच में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नस्लीय भेदभाव केवल व्यक्तिगत स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रणालीगत और संस्थागत स्तर पर गहराई से फैला हुआ है। उदाहरण के तौर पर, कुछ समूहों को जरूरी उपचार में देर होना, उनकी चिंताओं को अनसुना करना एवं सांस्कृतिक विविधता के प्रति असंवेदनशील व्यवहार जैसे पहलू सामने आए हैं।
NHS ने इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वयं में सुधार का आश्वासन दिया है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया, “हम इस बात को गंभीरता से लेते हैं और तुरंत प्रभाव से अपनी मातृत्व सेवाओं में सुधार के लिए कार्यक्रम चालू करेंगे। हमारा लक्ष्य हर महिला और बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं समान अवसर वाली देखभाल मुहैया कराना है।”
विशेषज्ञों का मानना है कि इस जांच की सिफारिशों पर अमल से माताओं की मृत्यु दर कम होने के साथ-साथ मातृत्व अनुभव में सुधार आएगा। साथ ही, नस्लीय असमानताओं को खत्म करना ब्रिटेन में आतुर माताओं और नवजातों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।
यह जांच इस बात पर भी प्रकाश डालती है कि किस तरह से नस्लीय भेदभाव न केवल मरीजों की देखभाल में बाधाएं पैदा करता है, बल्कि स्वास्थ्य कर्मियों के मनोबल पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसलिए, व्यापक प्रशिक्षण, संस्कृति बदलाव, और निगरानी तंत्र को मजबूत करने पर बल दिया जा रहा है।
कुल मिलाकर यह जांच इंग्लैंड की मातृत्व सेवाओं के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है, जो नस्लवाद मुक्त, सुरक्षित और विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

