79 वर्षीय कैरोल टुरान्स्की ने हाल ही में अपनी कहानी साझा की, जिसने स्तन कैंसर के निदान के लिए अपनी हिम्मत दिखाई। कैरोल का कैंसर केवल तभी पता चला जब उन्होंने स्वयं मैमोग्राम के लिए अनुरोध किया। यह घटना स्तन कैंसर स्क्रीनिंग की महत्ता और जागरूकता पर एक महत्वपूर्ण प्रकाश डालती है।
कैरोल ने बताया कि उन्हें कोई लक्षण नहीं थे, और वे सामान्यतः अपनी सेहत को लेकर सतर्क रहती थीं। लेकिन उम्र बढ़ने के साथ-साथ, उन्होंने महसूस किया कि नियमित जांच कितनी आवश्यक है। इस सोच के आधार पर, उन्होंने अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र के स्तन कैंसर स्क्रीनिंग विभाग से संपर्क किया और मैमोग्राम कराने की इच्छा जताई।
जांच के बाद, उन्हें स्तन कैंसर का पता चला। डॉक्टरों ने इस बात पर जोर दिया कि शुरुआती पहचान ही इलाज की कुंजी है। कैरोल के अनुसार, अगर वे समय पर डॉक्टर से संपर्क नहीं करतीं, तो कैंसर अधिक बढ़ सकता था।
विशेषज्ञ बताते हैं कि 50 वर्ष से ऊपर की महिलाओं के लिए नियमित मैमोग्राम जांच अनिवार्य होनी चाहिए, लेकिन कई बार, बुजुर्ग महिलाओं से यह जांच छूट जाती है। कैरोल की यह कहानी बुजुर्ग महिलाओं और उनके परिवारों के लिए एक सशक्त संदेश है कि नियमित जांच से जीवन बचाया जा सकता है।
कैंसर स्क्रीनिंग विभाग के प्रमुख ने कहा कि स्तन कैंसर को शुरुआती चरण में पकड़ना, उपचार को सफल बनाने में बहुत मदद करता है। उन्होंने महिला स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए सरकारी और सामाजिक संगठनों से सहयोग की अपील की है।
कैरोल टुरान्स्की अब अपने उपचार पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं और वे अन्य महिलाओं को भी अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच कराते रहने की प्रेरणा देती हैं। उनका मानना है कि उम्र के साथ भी ध्यान देने और सही समय पर जांच कराने से गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।

