गर्म मौसम में कार्डियक अरेस्ट की घटनाओं में वृद्धि, डॉक्टरों ने सभी आयु वर्ग के लोगों को चेताया
देश के विभिन्न हिस्सों में बढ़ती गर्मी ने स्वास्थ्य के लिहाज से चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों ने बताया है कि अत्यधिक गर्मी के चलते कार्डियक अरेस्ट यानी हृदय संबंधी आकस्मिक घटनाओं में वृद्धि हुई है। यह समस्या अब केवल बुजुर्गों या कमज़ोर व्यक्तियों तक सीमित नहीं है बल्कि युवा और फिटनेस प्रेमी लोग भी इससे प्रभावित हो रहे हैं।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, इस साल की गर्मी की लहर सामान्य से अधिक तीव्र और लंबी होगी। इसमें शरीर पर अत्यधिक प्रभाव पड़ रहा है, जिससे हृदय रोगों की जोखिम बढ़ती जा रही है। कार्डियक अरेस्ट के मामलों में इजाफे की खबरों ने डॉक्टरों को सतर्क कर दिया है। उन्होंने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश यादव ने कहा, “गर्मी में शरीर का तापमान बढ़ने से हृदय को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है, जिससे हृदय गति असामान्य हो सकती है। यह स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है जब शारीरिक गतिविधि या शराब का सेवन अधिक हो।” उन्होंने युवाओं से भी अपील की है कि वे दौड़ या कसरत करने से पहले मौसम का ध्यान रखें और अत्यधिक शराब पीने से बचें।
विशेषज्ञों ने कुछ महत्वपूर्ण हिदायतें भी साझा की हैं:
- गर्मियों में अधिक दौड़ या व्यायाम से बचें, खासकर दोपहर के समय।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं ताकि शरीर में जल की कमी न हो।
- शराब का सेवन सीमित करें क्योंकि यह शरीर को डिहाइड्रेट कर सकता है।
- यदि किसी को हृदय रोग की इतिहास है तो और भी सजग रहना आवश्यक है।
स्वास्थ्य विभाग ने भी जनता को एडवाइजरी जारी की है कि जब भी अत्यधिक गर्मी हो, तो बाहर निकलते समय सावधानी बरतें और आवश्यकतानुसार डॉक्टर से संपर्क करें। गर्मी के कारण होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में विशेष व्यवस्था की गई है।
इस परिस्थिति को देखते हुए हर व्यक्ति को खुद का और आसपास के लोगों का विशेष ख्याल रखना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सही सावधानी से गर्मी की वजह से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। इसलिए, युवा और मजबूत लोग भी गम्भीर होकर इन चेतावनियों को अपनाएं।

