पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत के कई प्रयास योजना के अनुरूप नहीं चले, हालांकि सब कुछ गलत नहीं हुआ। आयरलैंड, जो मैच के लिए उपयुक्त परिस्थितियों के साथ अच्छी तरह परिचित है, ने इस मौके का पूरा लाभ उठाया। इस मुकाबले में भारत की टीम की प्लेइंग इलेवन और रणनीतियाँ विशेष रूप से परीक्षण के घेरे में आईं।
मैच की शुरुआत से ही ऐसा लगा कि आयरलैंड मैदान और परिस्थिति के अनुकूल खेल रहा है जबकि भारत की टीम ने अपनी सामान्य प्रभावशाली शुरुआत नहीं की। बल्लेबाजी में खिलाड़ियों ने अपने शीर्ष रूप का प्रदर्शन नहीं दिखाया, कई बार योजनाएं असफल रहीं और विकेट जल्दी गिरते गए। टीम के कुछ अहम खिलाड़ी पिच के अनुकूल प्रदर्शन करने में नाकाम रहे, जिससे टीम का स्कोर अपेक्षा से कम रह गया।
जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ा, आयरलैंड ने अपने घरेलू अनुभव का फायदा उठाते हुए विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा। गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों को सीमित रखने का पूरा प्रयास किया। इस दबाव में भारत की टीम कई बार रणनीतिक रूप से असमंजस में दिखी।
भारतीय टीम के कोच और सपोर्ट स्टाफ ने अगले मैचों के लिए प्लेइंग इलेवन और गेम प्लान पर पुनर्विचार शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भारत के खिलाड़ी पिच की और परिस्थितियों की बेहतर समझ लेकर अधिक मनोवैज्ञानिक तैयारी के साथ उतरें तो टीम का प्रदर्शन सुधर सकता है।
कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि भारत के लिए यह मैच सीखने का मौका था जहां उन्होंने अपनी रणनीतियों और खेल में कुछ अच्छा करने का प्रयास किया, लेकिन आयरलैंड की तैयारियों और स्थानीय अनुभव के आगे उन्हें कुछ मूलभूत कमियां दिखाई दीं। आगामी मैचों में भारतीय टीम को अपने खेल को फिर से मजबूत करने की जरूरत है ताकि वह श्रृंखला पर नियंत्रण बना सके।

