लंदन, 26 अप्रैल। वरिष्ठ मंत्री सर स्टीफन टिम्स ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता भुगतान (पर्सनल इंडिपेंडेंस पेमेंट – PIP) प्रणाली में बदलाव की जरूरत जताई है। इंग्लैंड और वेल्स में लागू इस योजना को वर्तमान स्थिति में लाभार्थियों की वास्तविक आवश्यकताओं को पूरा करने में ठीक से सक्षम नहीं माना जा रहा है।
सर टिम्स, जो इस मामले की समीक्षा का नेतृत्व कर रहे हैं, ने स्पष्ट किया कि PIP प्रणाली में कई खामियां हैं जो लाभ प्राप्त करने वालों के लिए समस्याएं खड़ी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान ढांचा न केवल लाभार्थियों के लिए जटिल है बल्कि इसमें निर्धारण प्रक्रिया भी सुनिश्चित नहीं कर पा रही कि कौन वास्तव में सहायता का पात्र है।
सरकार की समीक्षा में यह देखा गया है कि PIP के तहत मिलने वाले लाभ अनेक मामलों में उपयुक्त नहीं होते और कई बार जरूरतमंद व्यक्ति सही तरीके से अपनी स्थिति साबित नहीं कर पाते। इसके परिणामस्वरूप उन्हें न तो पर्याप्त आर्थिक सहायता मिल पाती है और न ही उनकी स्वतंत्रता और जीवन की गुणवत्ता में सकारात्मक बदलाव आता है।
सर टिम्स ने बताया कि यह समीक्षा उन प्रक्रियाओं और मानकों पर केंद्रित होगी जिनके आधार पर लाभार्थियों का चयन किया जाता है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि संरचना ऐसी होनी चाहिए जो पारदर्शी, त्वरित और न्यायसंगत हो ताकि हर जरूरतमंद व्यक्ति को बिना किसी बाधा के लाभ मिल सके।
विकलांगता अधिकार समूहों ने भी इस बयान का स्वागत किया है और लंबे समय से PIP सुधार की मांग कर रहे थे। उनका कहना है कि वर्तमान प्रणाली में कई कमियां हैं जो सीधे तौर पर विकलांग लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं।
सर टिम्स ने कहा, “हमारा उद्देश्य ऐसी प्रणाली विकसित करना है जो वास्तव में विकलांग लोगों की मदद कर सके, जिससे उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता बनी रहे और वे समाज में समान अवसर प्राप्त कर सकें।”
सरकार की यह समीक्षा अगले कुछ महीनों में पूरी होगी, जिसके बाद सुधारों की विस्तृत योजना प्रस्तुत की जाएगी। इससे पहले भी कई बार PIP की समीक्षा हुई है, लेकिन इस बार की निगरानी मंत्री के स्तर पर हो रही है, जिससे इसके प्रभावी सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ता संगठन और लाभार्थी इस योजना के सुधार के लिए सरकार के साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं ताकि एक ऐसी प्रणाली बन सके जो सभी पक्षों की जरूरतों को समझते हुए सही निर्णय ले सके।
लघु और दीर्घकालिक समाधान दोनों पर फोकस करते हुए, यह समीक्षा विकलांगता लाभ प्रणाली को और अधिक प्रभावी और न्यायसंगत बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

