राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित संगीतकार महेश काले इस सप्ताहांत अपने अभंगवारी इंडिया टूर के तहत बेंगलुरु पहुँचेंगे। उनके इस कॉन्सर्ट की खासियत यह है कि इसमें महाराष्ट्र की पारंपरिक अभंग शैली को नए आयाम दिए जाएंगे।
महेश काले, जिन्होंने वर्षों से भक्ति संगीत के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनाई है, इस टूर के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी गायकी का जादू बिखेर रहे हैं। बेंगलुरु वाले संगीत प्रेमियों के लिए यह एक सुनहरा मौका होगा कि वे उनके जीवंत प्रदर्शन का आनंद ले सकें।
यह कार्यक्रम 18 जुलाई को शहर की प्रमुख सांस्कृतिक स्थलों में आयोजित किया जाएगा, जहां संगीत प्रेमी अभंग की मधुर तान और महेश काले के गायन में खो जाएंगे। अभंगवारी कॉन्सर्ट का मकसद सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि पारंपरिक संगीत की सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखना भी है।
महेश काले ने अभंग संगीत को आधुनिकता के साथ जोड़कर नया रूप दिया है। उनके इस प्रयास की वजह से युवा पीढ़ी में भी भक्ति संगीत को लेकर रुचि बढ़ी है। बेंगलुरु की इस प्रस्तुति में वे कई प्रसिद्ध अभंगों को अपनी आवाज से जीवंत करेंगे, जो लोगों के दिलों को छू जाएंगे।
इस अवसर पर संगीत विशेषज्ञों ने कहा कि महेश काले का अभंगवारी कॉन्सर्ट भारतीय संगीत में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल संगीत की विविधता को बढ़ावा देता है, बल्कि सांस्कृतिक संप्रेषण को भी मजबूत करता है।
संगीत प्रेमियों और संस्कृति के प्रशंसकों से अनुरोध है कि वे इस अद्भुत सांस्कृतिक अवसर का लाभ उठाएं और महेश काले के अभंगवारी कार्यक्रम का हिस्सा बनें। टिकट की जानकारी और स्थान की पुष्टि आयोजकों के माध्यम से की जा सकती है।

