तमिलनाडु के कांचीपुरम और चेंगलपट्टु जिलों से भारत के लगभग 38-40 प्रतिशत स्मार्टफोन शिपमेंट उत्पन्न होते हैं, जो राज्य को मोबाइल फोन निर्माण में एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाता है। इसी संदर्भ में, नई मोबाइल फोन उत्पादन प्रोत्साहन योजना (MPMS) तमिलनाडु की इस स्थिति को और मजबूत कर सकती है और इसे असेंबली आधारित उद्योग से मूल्य संवर्धित उत्पादन की ओर ले जाने में मदद करेगी।
MPMS योजना का उद्देश्य भारत में मोबाइल फोन और संबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा देना है। यह योजना कंपनियों को वित्तीय प्रोत्साहन के माध्यम से स्थानीय उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करती है, जिससे न केवल उत्पादन की मात्रा बल्कि गुणवत्ता और नवाचार में भी वृद्धि होती है।
तमिलनाडु में स्मार्टफोन उत्पादन का केंद्र बनने के पीछे कांचीपुरम और चेंगलपट्टु के उद्योगिक परिदृश्य का बड़ा योगदान है। इन जिलों में निर्माण इकाइयों की उपलब्धता, कुशल मानव संसाधन, और बेहतर अवसंरचना के साथ-साथ सरकार की सहायक नीतियाँ भी शामिल हैं। MPMS से ये जिलों की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
वर्तमान में, तमिलनाडु मुख्य रूप से असेंबली चरण में कार्यरत है, जिसमें मोबाइल फोन के विभिन्न घटकों को जोड़ा जाता है। MPMS के अंतर्गत, राज्य को टूलिंग, डिजाइन, परीक्षण और R

