चennai, 27 अप्रैल 2024: तमिलनाडु पिछले तीन वित्तीय वर्षों से भारत का तीसरा सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बना हुआ है। आर्थिक सर्वेक्षण और व्यापार विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य ने निर्यात में अपनी हिस्सेदारी में निरंतर वृद्धि दर्ज की है, जो देश की अर्थव्यवस्था में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
तमिलनाडु के निर्यात में मुख्य रूप से ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, कपड़े और जूतों जैसे सेक्टरों की बड़ी भागीदारी है। राज्य सरकार की निर्यात प्रोत्साहन नीतियों और उद्योगिक आधार का विस्तार इसके निर्यात विस्तार में सहायक रहा है। पिछले तीन वर्षों में यह निरंकुश बढ़ोत्तरी दर्शाता है कि तमिलनाडु ने भारत के वैश्विक व्यापार में अपना दबदबा मजबूत किया है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 में तमिलनाडु का निर्यात कुल भारत के निर्यात का लगभग 14% था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़कर लगभग 16% हो गया है। इस अवधि के दौरान तमिलनाडु से निर्यातित वस्तुओं की कुल कीमत में भी प्रतिशत वृद्धि देखी गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, तमिलनाडु का निर्यात विकास राजकीय निवेश, इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास दक्ष श्रमशक्ति और क्षेत्रीय व्यापार समझौतों के माध्यम से हुआ है। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार की निर्यात उद्योग में नए तकनीकी उद्यमों और नवाचार को बढ़ावा देने की पहल भी निर्यात वृद्धि का एक कारण मानी जा रही है।
तमिलनाडु की निर्यात सफलता ने अन्य राज्यों के लिए भी आर्थिक अवसरों के द्वार खोल दिए हैं। इससे रोजगार के अवसर बढ़े हैं और राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में भी सुधार आया है। निर्यात के इस निरंतर मार्ग पर सरकार लगातार नई नीतियाँ और प्रोत्साहन पैकेज लाती रहेगी ताकि तमिलनाडु का यह बढ़ता हुआ ग्राफ और मजबूत हो सके।
निर्यात के क्षेत्र में तमिलनाडु की उपलब्धियां भारत के लिए वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बेहतर स्थिति का संकेत देती हैं और यह देश की आर्थिक समृद्धि में एक मुख्य स्तंभ का कार्य कर रही हैं। आने वाले वर्षों में भी तमिलनाडु की भूमिका और भी महत्वपूर्ण होने की संभावना है, क्योंकि राज्य ने अपने उत्पादों की विविधता और गुणवत्ता दोनों में सुधार किया है।
इस तरह तमिलनाडु निर्यात में शीर्ष तीन राज्यों की सूची में अपनी मजबूती बनाए रखते हुए भविष्य में भारत के वैश्विक व्यापार में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा।

