बेंगलुरु, 2024: इस वर्ष बेंगलुरु में दसवां कविता महोत्सव आयोजित किया जाएगा, जो साहित्य प्रेमियों के लिए एक बड़ा उत्सव होगा। इस महोत्सव में देशभर और विदेशों से कई प्रतिष्ठित कवि और वक्ता अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। आयोजन का उद्देश्य कविता और साहित्य की महत्ता को बढ़ावा देना एवं नए प्रतिभाशाली कवियों को एक मंच प्रदान करना है।
इस महोत्सव में इस बार कई जाने-माने शख्सियतें अपनी आवाज़ मिलाएंगी। प्रमुख वक्ताओं में देवदत्त पटनायक, राम्या, तिशानी दोशी, महेश गर्ग और प्रकाश राज शामिल हैं। ये सभी अपने-अपने क्षेत्र के उत्कृष्ट कवि और वक्ता हैं, जो अपने विचारों और अनुभवों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देंगे।
देवदत्त पटनायक, जो भारतीय पौराणिक कथाओं के जानकार के रूप में प्रसिद्ध हैं, महोत्सव में भारतीय सांस्कृतिक कहानियों को कविता के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे। वहीं राम्या और तिशानी दोशी की प्रस्तुतियां युवा पीढ़ी को विशेष रूप से प्रेरित करेंगी। महेश गर्ग और प्रकाश राज भी सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों पर अपनी कविताओं के ज़रिए गहरा संदेश देंगे।
बेंगलुरु कविता महोत्सव की शुरुआत दस साल पहले हुई थी, जिसका मकसद था कविता के माध्यम से विचारों का आदान-प्रदान बढ़ाना और समाज में साहित्य की भूमिका को मजबूत बनाना। पिछले वर्षों में इस आयोजन ने काफी लोकप्रियता हासिल की है और इसे साहित्यिक जगत में एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में माना जाता है।
इस साल का कार्यक्रम विभिन्न सत्रों में बंटा होगा, जिसमें कविता पाठ, संगोष्ठी, वर्कशॉप और संवाद सत्र शामिल हैं। सभी सत्रों का उद्देश्य कविता के विभिन्न आयामों को उजागर करना और श्रोताओं को गहरे अर्थों में साहित्य से जोड़ना है।
साथ ही, महोत्सव में स्थानीय कलाकारों को भी भागीदारी का मौका मिलेगा, जिससे प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को भी संजोया जा सके। आयोजकों ने कहा है कि इस महोत्सव के जरिये बेंगलुरु को पुनः साहित्यिक राजधानी के रूप में स्थापित किया जाएगा।
काव्य महोत्सव का आयोजन इस वर्ष अप्रैल में शहर के प्रमुख सांस्कृतिक केंद्रों पर होगा। कला और साहित्य के प्रेमी इस दौरान विभिन्न कार्यक्रमों का आनंद ले सकेंगे। महोत्सव में प्रवेश सभी के लिए निशुल्क रखा गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस सांस्कृतिक समारोह का हिस्सा बन सकें।
इस आयोजन से उम्मीद है कि नए कवि अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे और अनुभवी कवि अपने अनुभव साझा कर युवा पीढ़ी को प्रेरित करेंगे। इससे हिंदी और अन्य भाषाओं की कविताओं को एक नई पहचान मिलेगी और साहित्यिक परंपरा को नया जीवनदान मिलेगा।
अंततः, दसवां Bengaluru Poetry Festival न केवल कविताओं का महोत्सव होगा, बल्कि यह साहित्य की एक समृद्ध और जीवंत संस्कृति को दर्शाएगा, जो सभी के दिलों को छू जाएगी।

