वर्ष 2024 की वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। इसी संदर्भ में, विश्व भर के नियामक संस्थान एआई तकनीकों से जुड़े संभावित खतरों को लेकर अधिक सतर्क होते जा रहे हैं। हाल ही में, यूके के वित्तीय नियामक ने अपनी एक विस्तृत समीक्षा में वित्तीय सेवाओं में एआई के इस्तेमाल से उत्पन्न जोखिमों को प्रमुखता से उजागर किया है।
पिछले दो वर्षों में, एआई आधारित सिस्टम जैसे कि एजेंटिक मॉडल और फ्रंटियर एआई तकनीकों ने वित्तीय क्षेत्र में क्रांति ला दी है, साथ ही कई नए जोखिम भी सामने आए हैं। उदाहरण के लिए, Anthropic के Mythos जैसे फ्रंटियर AI मॉडल में साइबर सुरक्षा से जुड़े खतरे और ऑपरेशनल जोखिमों का बढ़ना एक गंभीर मुद्दा बन चुका है। यूके नियामक ने नोट किया है कि ऐसे अत्याधुनिक मॉडल जहां कार्यक्षमता बढ़ाते हैं, वहीं उनकी जटिलता के कारण अप्रत्याशित और नियंत्रित न हो सकने वाले परिणाम भी उत्पन्न हो सकते हैं।
समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया है कि ये एजेंटिक सिस्टम न केवल वित्तीय संस्थाओं के निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं, बल्कि उनके संचालन में भी व्यवधान ला सकते हैं। इससे ग्राहक डेटा की सुरक्षा और वित्तीय लेन-देन की विश्वसनीयता पर असर पड़ने की संभावना है। नियामक ने सुझाव दिया है कि संस्थानों को इन प्रणालियों के उपयोग में अधिक सावधानी बरतनी चाहिए और निरंतर निगरानी के माध्यम से जोखिमों को कम करना चाहिए।
विश्व के कई अन्य देशों में भी नियामक एजेंसियां, जैसे कि यूरोप की यूरोपीय बैंकिंग अथॉरिटी और अमेरिका की फेडरल रिजर्व, एआई से जुड़े जोखिमों के प्रति सजग होती जा रही हैं। उनका प्रमुख फोकस है कि कैसे एआई का जिम्मेदार और सुरक्षित तरीके से उपयोग सुनिश्चित किया जाए, जिससे वित्तीय प्रणाली की स्थिरता बनी रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि एआई तकनीकों को अपनाते हुए वित्तीय संस्थाओं को पारदर्शिता, जवाबदेही और सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता देनी होगी। वहीं, नियामक संस्थाओं द्वारा बनाए गए दिशानिर्देश और सुधारित फ्रेमवर्क इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
संक्षेप में कहा जाए तो, यूके नियामक की यह समीक्षा वित्तीय सेवाओं में एआई के इस्तेमाल से जुड़े खतरों और उसके नियंत्रक तंत्र की आवश्यकता को उजागर करती है। भविष्य में एआई के साथ वित्तीय क्षेत्र को सुरक्षित, प्रभावी और टिकाऊ बनाना तभी संभव होगा जब इस तरह की जागरूकता और सावधानी बरती जाएगी।

