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Diamond jewellery, microart cast in shape of 18K gold rocket among payloads to be launched by Vikram-1
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नई दिल्ली, 6 जुलाई: स्काइरूट एयरोस्पेस ने आज घोषणा की है कि भारत का पहला निजी क्षेत्र द्वारा विकसित ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट विक्रम-1 छः पेलोड्स के साथ अंतरिक्ष में प्रक्षेपित होगा। यह उपलब्धि भारत की अंतरिक्ष तकनीक में एक बड़ी छलांग मानी जा रही है, जो देश की निजी कंपनियों के लिए नए अवसर खोलती है।

स्काइरूट एयरोस्पेस के संस्थापक ने इस अवसर पर बताया कि विक्रम-1 का मिशन न केवल तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण है, बल्कि यह देश के अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी निवेश और नवाचार के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम है। यह रॉकेट 18K सोने के एक मिनियचर रॉकेट की आकृति में माइक्रोरट कला सहित विभिन्न उपयोगी उपग्रहों को कक्षा में स्थापित करेगा।

इस मिशन में कुल छह पेलोड्स शामिल हैं, जिनमें अनुसंधान उपग्रह, संचार उपकरण, और खास तौर पर डिज़ाइन किए गए माइक्रोरट हस्तशिल्प शामिल हैं। इनमें से कुछ पेलोड्स अंतरराष्ट्रीय सहयोग के तहत भी भेजे जा रहे हैं, जो भारतीय अंतरिक्ष उद्योग की वैश्विक पहुंच को दर्शाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, विक्रम-1 की सफलता से भारत को निजी क्षेत्र में अंतरिक्ष अनुसंधान को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इससे छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स को अपने उत्पाद और सेवाएं अंतरिक्ष तक पहुँचाने में सुविधा होगी, और देश की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

सरकार द्वारा हाल ही में निजी अंतरिक्ष कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई नीतियों ने इस पहल को संभव बनाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहलें भारत को अंतरिक्ष क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रख सकती हैं।

स्काइरूट एयरोस्पेस का यह मिशन न केवल तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह युवाओं और नवागंतुकों को भी अंतरिक्ष विज्ञान की ओर आकर्षित करेगा। इस प्रक्षेपण के माध्यम से भारत की अंतरिक्ष यात्राओं में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है जो भविष्य में और भी अधिक सफलताओं की नींव रखेगा।

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