वाशिंगटन: अमेरिकी साइबर सुरक्षा एजेंसी CISA के अटैक सतह मूल्यांकन (Attack Surface Evaluation) टीम ने सरकारी कोड के ऑडिट के लिए Anthropic कंपनी के विकसित Mythos टूल का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। यह जानकारी एजेंसी के एक विश्वसनीय स्रोत ने साझा की है।
सूत्रों के अनुसार, CISA द्वारा किए जा रहे इस ऑडिट का मकसद सरकारी सॉफ़्टवेयर और कोड बेस की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। Mythos टूल के माध्यम से संभावित कमजोरियों और खतरों की जांच की जा रही है ताकि साइबर हमलों से निपटा जा सके।
Anthropic की यह तकनीक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के आधार पर विकसित की गई है जो कोड में छिपी खामियों को जल्द से जल्द पहचानने में सक्षम है। CISA के अटैक सतह मूल्यांकन टीम के सदस्य इस टूल के उपयोग को लेकर काफी आशावादी हैं और मानते हैं कि इससे सरकारी सॉफ़्टवेयर की सुरक्षा मजबूत होगी।
सरकारी सुरक्षा एजेंसियां लगातार बढ़ते साइबर खतरों के मुकाबले नई-नई तकनीकों का सहारा ले रही हैं। Mythos जैसा उन्नत टूल इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम कहा जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल सुरक्षा में सुधार होगा, बल्कि संभावित साइबर क्राइम की रोकथाम भी बेहतर ढंग से की जा सकेगी।
कंप्यूटर सुरक्षा से जुड़े विश्लेषकों के मुताबिक, यह पहल अमेरिकी सरकार के साइबर सुरक्षा मिशन को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। अभी तक इसकी सफलता को लेकर आधिकारिक तौर पर बहुत अधिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों ने संकेत दिया है कि Mythos टूल फिलहाल कुछ संवेदनशील विभागों में लागू किया जा रहा है।
इस कदम के पीछे CISA की प्राथमिकता है कि सरकारी कोड में छुपे खतरों का पहले से पता लगा कर उनकी समय पर मरम्मत कर सकें ताकि भविष्य में होने वाले साइबर हमलों को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।
अंत में, यह स्पष्ट है कि साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में नई तकनीकों का समावेश सरकारी सुरक्षा ढांचे को मजबूती प्रदान करेगा और देश की डिजिटल संपत्ति की रक्षा में अहम भूमिका निभाएगा।

