तिरुवनंतपुरम: केरल सरकार ने केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (KIIFB) की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और संरचना की समीक्षा के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। यह समिति आगामी तीन महीने के भीतर अपना विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी, जिसमें KIIFB के मौजूदा ढांचे को सुधारने और पुनर्गठित करने के सुझाव शामिल होंगे।
KIIFB स्थापना के बाद से राज्य में विभिन्न स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं को लागू करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। परंतु, हाल के समय में उसकी कार्यप्रणाली और वित्तीय संचालन पर सवाल उठे हैं, जिसके कारण केरल सरकार ने इस समीक्षा समिति के गठन का निर्णय लिया है।
ज्ञात हो कि सरकार ने समिति को तीन महीने का समय दिया है ताकि वह KIIFB के संचालन, परियोजनाओं की गुणवत्ता, वित्तीय स्थिरता और अनुमोदन प्रक्रिया का विस्तृत मूल्यांकन कर सके। समिति के सदस्यों में विभिन्न वित्त और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल हैं, जो तकनीकी, प्रशासनिक और कानूनी पहलुओं पर गहराई से अध्ययन करेंगे।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हम चाहते हैं कि KIIFB और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बने, ताकि राज्य के विकास कार्यों में इसके योगदान को और मजबूत किया जा सके। ये समीक्षात्मक रिपोर्ट हमें ऐसे कदम उठाने में सहायता करेगी जिससे निवेश अधिक प्रभावी हो सके।”
केरल के नागरिकों और निवेशकों की बढ़ती चिंता के बीच यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य सरकार ने भी इस बात पर जोर दिया है कि KIIFB की गतिविधियों को सर्वोच्च स्तर की पारदर्शिता और जवाबदेही के तहत संचालित किया जाना चाहिए।
विशेषज्ञ समिति द्वारा दी जाने वाली रिपोर्ट में KIIFB के वित्तीय प्रबंधन, परियोजना चयन प्रक्रिया, तकनीकी विकास, और दीर्घकालिक स्थिरता को लेकर सुझाव होंगे। इसके बाद सरकार समीक्षा के आधार पर आवश्यक संशोधन कर सकती है।
इस फैसले को लेकर राजनीतिक दलों और जनता में मिश्रित प्रतिक्रियाएं आई हैं। कुछ विशेषज्ञ इसे एक सकारात्मक कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि इसके क्रियान्वयन में समय लगेगा। फिर भी, अधिकांश लोगों को उम्मीद है कि इससे KIIFB की कार्यप्रणाली में सुधार होगा और राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में तेजी आएगी।
अत:, केरल सरकार की यह पहल राज्य के स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य को और अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद इस पर व्यापक चर्चा और सुधार की प्रक्रिया शुरू होगी।

