ब्रिटेन के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सरकार से आग्रह किया है कि 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र के किशोरों को मेनिनजोकॉकल बी (MenB) वैक्सीन मुफ्त प्रदान की जाए। इस मांग के पीछे केंट में इस साल हुई मेनिनजोकॉकल बी संक्रमण की गंभीर स्थिति है, जिसमें दो लोगों की मृत्यु हो चुकी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मेनिनजोकॉकल बी संक्रमण, जो एक प्रकार का बैक्टीरियल संक्रमण है, तेजी से फैल सकता है और इसकी रोकथाम के लिए टीकाकरण आवश्यक है। केंट में हुए अंतिम प्रकरण ने चिंता बढ़ा दी है क्योंकि यह संक्रमण किशोरों और युवा वयस्कों में अधिक देखा जाता है।
स्वास्थ्य सलाहकारों ने सरकार को सुझाव दिया है कि राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में MenB वैक्सीन को शामिल किया जाना चाहिए ताकि जोखिम में आने वाले बच्चों और किशोरों को बेहतर सुरक्षा मिल सके। इसके अलावा, बीमारी के प्रसार को रोका जा सके और संभावित मौतों को टाला जा सके।
मेनिनजोकॉकल बी संक्रमण की शुरुआत आमतौर पर बुखार, सिरदर्द, गर्दन में जकड़न और कभी-कभी त्वचा पर लाल चकत्ते के रूप में होती है। यदि इसका तुरंत इलाज न किया जाए, तो यह संक्रमण दिमाग और रीढ़ की हड्डी की झिल्ली में भी फैल सकता है, जिससे मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है।
हालांकि वर्तमान में MenB वैक्सीन कई बच्चों को दी जाती है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि किशोर भी इस टीके के दायरे में आने चाहिए, क्योंकि वे सामाजिक रूप से अधिक सक्रिय होते हैं और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
सरकार इस सुझाव पर विचार कर रही है, और मंत्रालय का कहना है कि वे स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी विकल्पों पर ध्यान दे रहे हैं। विशेषज्ञों का आश्वासन है कि यदि यह कदम लागू हुआ तो वायरस से होने वाली बीमारियों में उल्लेखनीय कमी आएगी और जनसाधारण की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
इस संबंध में, स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की भी अपील की है।
ब्रिटेन में मेनिनजोकॉकल बी का प्रकोप दुर्लभ तो है, लेकिन इसके गंभीर परिणामों के कारण इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। मुफ्त टीकाकरण से न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि समाज में भी संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी।
आने वाले समय में सरकार की ओर से MenB वैक्सीन के निशुल्क वितरण की घोषणा पर देशभर में उम्मीदें जगी हुई हैं।

