लंदन। सरकार ने घोषणा की है कि अगले साल अप्रैल से इंग्लैंड में 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों और किशोरों को हाई-कैफीन वाली एनर्जी ड्रिंक्स बेचनी गैरकानूनी हो जाएगी। इस नई पाबंदी का उद्देश्य युवाओं में कैफीन के अत्याधिक सेवन से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को कम करना है।
हालांकि इस नए नियम के तहत कम कैफीन वाली सॉफ्ट ड्रिंक्स पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा, और उनका विक्रय जारी रहेगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे युवा पीढ़ी को कैफीन के हानिकारक प्रभावों से सुरक्षा मिलेगी।
एनर्जी ड्रिंक्स में उच्च मात्रा में कैफीन और अन्य उत्तेजक पदार्थ पाए जाते हैं, जो बच्चों में नींद के पैटर्न को बिगाड़ सकते हैं, ऑनरियल अनेसिटी तथा दिल की समस्याएं पैदा कर सकते हैं। ब्रिटेन सरकार ने यह निर्णय विभिन्न स्वास्थ्य अध्ययनों और किशोर स्वास्थ्य पर प्रभाव के आंकड़ों के आधार पर लिया है।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि यह पाबंदी उन दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफार्मों दोनों पर लागू होगी जो इन उत्पादों की बिक्री करते हैं। नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस पहल को लेकर सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जोर देते हुए कहा कि यह किशोरों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम है। बच्चों में कैफीन के अत्यधिक सेवन से उत्पन्न होने वाले मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक समस्याओं को कम करने में यह मददगार सिद्ध होगा।
परिवारों और स्कूलों को भी इस संदर्भ में जागरूकता बढ़ाने और बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि युवा पीढ़ी को ऐसे पेय पदार्थों के संभावित खतरों से अवगत कराना चाहिए और उनकी जीवनशैली में स्वस्थ विकल्पों को बढ़ावा देना चाहिए। सरकार की इस नई नीति के क्रियान्वयन के बाद उम्मीद है कि इंग्लैंड में युवा स्वास्थ्य में सुधार होगा और कैफीन से संबंधित दुष्प्रभावों की संख्या में कमी आएगी।

