जर्सी सरकार ने 2022 से अपनी मुफ्त पीरियड प्रोडक्ट योजना पर 5 लाख पाउंड से अधिक खर्च किया है। यह योजना महिलाओं को सेनेटरी उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाई गई थी ताकि गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को राहत मिल सके।
हालांकि, हाल के विचारों में यह सुझाव दिया गया है कि इस योजना पर खर्च करना प्रभावी नहीं रहा है और सेनेटरी उत्पादों से टैक्स हटाना व्यर्थ हो सकता है। इस संदर्भ में, विशेषज्ञों की राय भी विभाजित है। कुछ का मानना है कि टैक्स हटाने से महिलाओं को आर्थिक रूप से राहत मिलती है, जबकि अन्य का तर्क है कि यह सरकार के संसाधनों का दुरुपयोग हो सकता है, खासकर तब जब मुफ्त उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही हो।
जर्सी के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, योजनाएं महिलाओं की जरूरतें पूरा करने में सहायक रही हैं, और उन्होंने इस क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सरकार का मानना है कि इन उत्पादों पर टैक्स हटाने से केवल एक छोटा सा आर्थिक लाभ होता है, जबकि मुफ्त योजना से बड़ी संख्या में महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मुफ्त पीरियड प्रोडक्ट योजना अभी भी आवश्यक है क्योंकि यह उन महिलाओं को लक्षित करती है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जिनके लिए सेनेटरी उत्पाद खरीदना मुश्किल होता है। टैक्स हटाना केवल उन महिलाओं के लिए फायदेमंद हो सकता है जो पहले से ही उत्पाद खरीदने में सक्षम हैं।
सरकार ने अब तक इस योजना के तहत हजारों महिलाओं को सेनेटरी उत्पाद वितरित किए हैं, जिससे न केवल स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में कमी आई है बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान और स्वच्छता के स्तर में भी सुधार हुआ है।
इस विवाद के बीच, जर्सी सरकार पर यह दबाव भी बना हुआ है कि वे अपनी योजना का प्रभाव और खर्च का पुनः मूल्यांकन करें ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रत्येक पाउंड का सही और प्रभावी उपयोग हो रहा है।
सारांश में, सेनेटरी उत्पादों से टैक्स हटाने के खिलाफ यह तर्क मुख्य रूप से वित्तीय संसाधनों के कुशल प्रबंधन और आवश्यक सेवा की उपलब्धता पर आधारित है, जिस कारण इसे कई विशेषज्ञ ‘बेकार’ मान रहे हैं। जर्सी में मुफ्त योजना की सफलता और इसकी निरंतर आवश्यकताओं के मद्देनजर यह बहस और विचारणीय बनी हुई है।

