नीट पेपर लीक: CBI और सरकारी अधिकारी ने संसदीय समिति को जून 21 रिटेस्ट में लीक रोकने के उपायों से अवगत कराया
अगर आप लम्बे समय तक जी रहे हैं, तो बेहतर होगा कि स्वस्थ भी रहें: गोपीचंद
नई दिल्ली: भारत के पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी और राष्ट्रीय बैडमिंटन टीम के मुख्य कोच पी. वी. गोपीचंद ने हाल ही में अपनी पुस्तक ‘द लाँजेविटी कोड’ के जरिए लंबी उम्र और स्वस्थ जीवन के बीच के संबंधों पर महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए हैं। यह पुस्तक डॉक्टर सोफिया पथाई के साथ सह-लेखित है, जिनका अनुभव चिकित्सा […]
अहमदाबाद में कांगो बिजनेसमैन का इबोला परीक्षण निगेटिव पाया गया
अहमदाबाद: हाल ही में अहमदाबाद में एक कांगो के व्यवसायी का इबोला वायरस परीक्षण निगेटिव पाया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने उनकी यात्रा इतिहास और लक्षणों को देखते हुए इबोला संदिग्ध स्थिति में प्रवेश कराकर सावधानी बरती थी, लेकिन परीक्षण के नतीजे आने के बाद अधिकारियों ने बताया कि चिंता की कोई बात नहीं है। […]
मोरकेल: ‘वरुण के लिए यह केवल आत्मविश्वास पाने की बात है, और ज्यादा सोचने से बचना चाहिए’
अनिक दत्ता के निधन पर विशेष: वह फिल्ममेकर जिन्होंने कोलकाता की पुरानी यादों और क्षरण को पर्दे पर जीवंत किया
कोलकाता: बंगाली फिल्म जगत के प्रतिष्ठित फिल्ममेकर अनिक दत्ता का निधन एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक क्षति है। अपने अनूठे कथानक और दर्शकों को झकझोरने वाली फिल्मों के लिए पहचाने जाने वाले दत्ता ने मध्यवर्ग की चिंताओं, सांस्कृतिक असुरक्षा और आधुनिक बंगाल की त्रासद हास्यपूर्ण स्थितियों को अपनी फिल्मों में जीवंत किया। उन्होंने “भूतের ভবিষ্যৎ” जैसी फिल्म […]
बीजेपी ने तेलंगाना में एकीकृत नागरिक संहिता लागू करने की मांग की
नवीकरणीय ऊर्जा तकनीकों पर दैनिक क्विज़
{“title_results”:[“एक सन्यासी और एक साधु की अनोखी दोस्ती: सबा महजूर की कॉलम”],”content_results”:[“देश में अक्सर धार्मिक मतभেদের कारण विवाद और दूरियां बढ़ती हैं, लेकिन कुछ उदाहरण ऐसे भी होते हैं जो इस धारा के विपरीत होते हैं। हाल ही में प्रकाश में आई एक अनोखी दोस्ती की कहानी ने लोगों के दिलों को छू लिया है, जहां एक नन (सन्यासी महिला) और एक ज्ञानी साधु न केवल अपने धार्मिक मतों में सहमति बनाए रखे, बल्कि वे एक-दूसरे के साथ समय बिताने और विचार-विमर्श करने में भी पीछे नहीं रहे।विवाद का विषय हो सकता था धर्म, लेकिन उनका रिश्ता इससे पूरी तरह परे था। दोनों ने कभी भी अपने धार्मिक मतों को लेकर सिर नहीं झगड़ा, बल्कि हमेशा एक-दूसरे की सोच और दृष्टिकोण का सम्मान किया। जब बात मैत्री और सामंजस्य की होती है, तो उनका उदाहरण आधुनिक समाज के लिए प्रेरणादायक साबित होता है।उनकी मुलाकातें स्थानीय कॉफी हाउस में हुआ करती थीं, जहां वे अक्सर ‘हर्सेह’ और ‘कहवे’ के साथ बैठकर गहरे विषयों पर चर्चा करते। हर्सेह और कहवे यहां केवल पेय पदार्थ नहीं, बल्कि उनका सांस्कृतिक सेतु साबित हुए हैं, जो दो अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोगों को जोड़ते हैं। यह दोस्ती साबित करती है कि धार्मिक और सामाजिक भिन्नताओं के बावजूद बातचीत, समझदारी और सम्मान के जरिए पुल बनाए जा सकते हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की दोस्ती आधुनिक भारत में सामाजिक और धार्मिक सद्भाव का संदेश देती है। जहां लोग अक्सर अपने-अपने धार्मिक या सांस्कृतिक विचारों के विरोध में होते हैं, वहां यह कहानी सिखाती है कि सहिष्णुता और संवाद की कोई जगह हमेशा मौजूद रहती है।स्थानीय समुदायों में इस दोस्ती की चर्चा भी प्रशंसा के स्वर में हो रही है। लोग कह रहे हैं कि यह मिसाल युवा पीढ़ी के लिए बहुत जरूरी है, जो अक्सर कट्टरता और असहिष्णुता के शिकार हो जाती है। इस अनोखी दोस्ती का ही उदाहरण लेकर वे भी अपने मतभेद भूलकर एक दूसरे के प्रति सम्मान और समझ विकसित कर सकते हैं।संक्षेप में, यह कहानी न केवल दो व्यक्तियों की दोस्ती की है, बल्कि वह संदेश भी देती है कि जब हम आपसी सम्मान के साथ सामाजिक और धार्मिक मतभेदों को देखेंगे, तभी हम समृद्ध और शांतिपूर्ण समाज का निर्माण कर पाएंगे।”]}
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एनटीए ने CUET-UG 2026 के पुनर्निर्धारित शेड्यूल की घोषणा की; परीक्षा 31 मई, 6 और 7 जून को
मुत्राशय कैंसर और इसके लक्षणों के बारे में कम ही लोग जानते हैं, अब इसे बदलने का समय है
मुत्राशय कैंसर: धूम्रपान प्रमुख कारण और जागरूकता की आवश्यकता मुत्राशय कैंसर एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जिसके बारे में अधिकांश लोग कम जानते हैं। विशेषज्ञों ने बताया है कि धूम्रपान इस कैंसर का सबसे बड़ा जोखिम कारक है। लगभग आधे मामलों में यह कैंसर सीधे धूम्रपान से जुड़ा होता है। तंबाकू उत्पादों से निकलने वाले […]

