बुध ग्रह की उत्पत्ति – एक पौराणिक कथा हिंदू पुराणों और मिथकों में ग्रहों, नक्षत्रों और अन्य आकाशीय पिंडों को देवताओं के रूप में दर्शाया गया है। बुध ग्रह, जिसे बुध ग्रह का देवता माना जाता है, उसकी उत्पत्ति की कथा बेहद रोचक और धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। इस लेख में हम बुध ग्रह […]
श्री अनंतनकाडु नागराजा मन्दिर, त्रिवेंद्रम | समर्पण वार्षिक उत्सव 2026
त्रिवेंद्रम, 6 जून 2026: त्रिवेंद्रम के ऐतिहासिक किले के क्षेत्र में स्थित श्री अनंतनकाडु नागराजा मन्दिर आगामी 6 जून से 8 जून तक अपने वार्षिक समर्पण वार्षिक उत्सव 2026 का भव्य आयोजन करने जा रहा है। यह तीन दिवसीय आध्यात्मिक महोत्सव, जो 1201 इदवम 23, 24 और 25 को मनाया जाएगा, विशेष अनुष्ठानों, होम और […]
नरद पुराण – हिंदू ज्ञान और ब्रह्मांड विज्ञान का प्राचीन विश्वकोश
नरद पुराण: आध्यात्मिक ज्ञान का खजाना नरद पुराण हिंदू परंपरा के अठारह महापुराणों में से एक है, जिसे प्राचीन और महत्वपूर्ण पुराणिक ग्रंथों में गिना जाता है। लगभग 22,000 श्लोकों में रचित यह ग्रंथ दो प्रमुख खंडों में विभाजित है जिनमें क्रमशः 125 और 82 अध्याय शामिल हैं। यह पुराण ऋषि नरद और सनत्कुमार के […]
शिव पुराण – भगवान शिव और दिव्य ज्ञान का पवित्र इतिहास
वामन पुराण – भगवान विष्णु के वामन अवतार का पवित्र ग्रंथ
वामन पुराण: भगवान विष्णु के वामन अवतार की पवित्र कथा वामन पुराण, प्राचीन हिन्दू धर्मग्रंथों में से एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो महापुराणों में से चौदहवां स्थान रखता है। यह महापुराण लगभग 10,000 श्लोकों में रचा गया है और इसे छोटे पुराणों की श्रेणी में माना जाता है। इस ग्रंथ का मुख्य विषय भगवान विष्णु […]
मार्कण्डेय पुराण – मार्कण्डेय ऋषि की शाश्वत ज्ञान गाथा
मार्कण्डेय पुराण, अठारह महापुराणों में से एक प्रमुख और अत्यंत सम्मानित ग्रंथ माना जाता है। इसके रचना काल का अनुमान तीसरी शताब्दी ईस्वी के आसपास लगाया जाता है। यह पुराण अन्य प्राचीन ग्रंथों की तुलना में अपनी मौलिक सामग्री को अधिकाधिक संरक्षित रखे हुए है, जिसके कारण यह आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से एक […]
हनुमान स्वामी कीर्तन | श्री अंजनेय स्वामी कीर्तन
नई दिल्ली। श्री आञ्जनेय स्वामी कीर्तनम, जो भगवान हनुमान की महिमा का गुणगान करता है, आज भी भक्तों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है। यह कीर्तन भगवान राम के दिव्य दूत और अत्यंत शक्तिशाली भक्त हनुमान जी के साहस, भक्ति, शक्ति, बुद्धिमत्ता और संरक्षण के गुणों का स्तुति स्वरूप है। हनुमान स्वामी कीर्तनम में जो श्लोक […]

