प्रसिद्ध अमेरिकी रैपर और संगीतकार कान्ये वेस्ट इस समय कई देशों में अपने प्रदर्शन को लेकर विवादों के बाद भारत के लिए रवाना हो गए हैं। ऑस्ट्रेलिया में उनके कॉन्सर्ट को रद्द कर दिया गया, यूके में प्रवेश से वंचित किया गया और लंदन के वायरलेस फेस्टिवल से उन्हें बाहर कर दिया गया था। इसके […]
कला, शोक और भू-राजनीतिक तनाव | क्यों 2026 वेनिस बिएनाले महत्वपूर्ण है
{“title_results”:[“बातचीत में | कादर अत्तिया के क्यूरेशन में कोच्चि-मुजिरीस बिएनाल की क्या उम्मीद रखनी चाहिए”],”content_results”:[“फ्रेंच-अल्जीरियाई कलाकार कादर अत्तिया के द्वारा कोच्चि-मुजिरीस बिएनाल की सातवीं संस्करण की क्यूरेशन एक नई दिशा लेकर आ रही है। यह आयोजन कला प्रेमियों और सामाजिक चिंैतकों के लिए एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म साबित होने जा रहा है, जहां कला के माध्यम से एक साथ रहने के नए तरीकों पर विचार-विमर्श होगा।कोच्चि-मुजिरीस बिएनाल भारत का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय समकालीन कला उत्सव है, जो हर दो साल में केरल के ऐतिहासिक शहर कोच्चि और उसकी नज़दीकी जगहों पर आयोजित होता है। इस बार कादर अत्तिया की नेतृत्व में यह आयोजन “साथ रहने की कला” पर केंद्रित रहेगा। कलाकार ने यह स्पष्ट किया है कि बिएनाल का उद्देश्य केवल कला का प्रदर्शन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सह-अस्तित्व के सवालों को सामने लाना है।कादर अत्तिया ने अपने पिछले कामों में भी अक्सर सामाजिक न्याय, इतिहास और सामूहिक पहचान के मुद्दों को उजागर किया है। इस बार के बिएनाल में वो ऐसी कृतियां चुनेंगे जो विभिन्न समुदायों के बीच संवाद स्थापित करें और लोगों को मिलकर रहने के तरीकों पर सोचने को प्रेरित करें। उनका मानना है कि कला एक पुल हो सकती है जो वैश्विक और स्थानीय, अतीत और वर्तमान के बीच संवाद को सुगम बनाए।इस कार्यक्रम में विभिन्न देशों से स्थापित और उभरते कलाकार भाग लेंगे, जो विभिन्न माध्यमों जैसे पेंटिंग, इंस्टालेशन, वीडियो आर्ट और प्रदर्शन कला के जरिए अपने संदेश पहुंचाएंगे। आयोजन की थीम के तहत, दर्शकों को आमंत्रित किया जाएगा कि वे न केवल कला को देखें बल्कि उसमें शामिल सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों के बारे में चर्चा करें।कोच्चि-मुजिरीस बिएनाल, जो 2012 से आयोजन हो रहा है, कला के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच बन चुका है। कादर अत्तिया की यह पहल इस आयोजन को और भी सार्थक बनाएगी, जिससे कला और जीवन के बीच का संबंध और मजबूत होगा।यह बिएनाल 2024 के अंत में आयोजित होगी और उम्मीद की जा रही है कि यह कला और समाज के प्रति सोच को व्यापक रूप से प्रभावित करेगी। स्थानीय समुदाय की भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि एक समन्वित और समावेशी अनुभव उत्पन्न हो सके। इस तरह का आयोजन कला की शक्ति को सामाजिक बदलाव के लिए खोलता है, जो भारत और विश्व के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण साबित होगा।”]}
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बाली में आध्यात्मिक नवीनीकरण और भारतियों से मुलाकात
बाली, अपनी सुहल और रमणीय समुद्र तटों, प्राचीन मंदिरों और जीवंत सांस्कृतिक विरासत के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। यह द्वीप न केवल एक ट्रॉपिकल एडवेंचर गंतव्य के रूप में जाना जाता है, बल्कि यहां मौजूद आध्यात्मिकता और संस्कृति इसे एक अनूठा पर्यटन स्थल बनाती है। बाली के समुद्र तट स्वच्छ और शांत हैं, जहाँ […]
उत्तर पूर्व भारत में संरक्षण की नई कल्पना के लिए एक नई फैलोशिप
नई दिल्ली: ‘द फ्यूचर फुल ऑफ फॉरेस्ट्स फैलोशिप’ नामक एक नवीन कार्यक्रम कोनॉपी कलेक्टिव द्वारा पेश किया गया है, जिसका उद्देश्य शोधकर्ताओं, कलाकारों, स्थानीय समुदायों और जमीनी नेताओं को जोड़ना और उनका समर्थन करना है। यह पहल विशेष रूप से परियोजना प्रबंधन, संचार और कहानी कहने के कौशल में प्रशिक्षण प्रदान करने पर केंद्रित है। […]

