पामारु, 1 मई: मुख्यमंत्री ने मई दिवस के अवसर पर पामारु में 35 निर्माण श्रमिकों को प्रति व्यक्ति ₹5 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में निरंतर प्रगतिशील प्रयास कर रही है ताकि मजदूर वर्ग को बेहतर जीवन स्तर मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में लगभग 62.47 लाख पेंशनभोगियों को प्रतिवर्ष ₹33,000 करोड़ से अधिक की पेंशन दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार श्रमिकों एवं असंगठित क्षेत्र के कामगारों के उत्थान हेतु खास ध्यान दे रही है। वर्तमान में लगभग 88 लाख असंगठित कामगारों के लिए कल्याणकारी योजनाओं पर ₹615 करोड़ का व्यय किया जा रहा है।” उन्होंने श्रमिकों को आश्वस्त किया कि सभी के अधिकारों की रक्षा के लिए कई नई योजनाएं शीघ्र लागू की जाएंगी।
इस अवसर पर उन्होंने राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की, जिनमें स्वास्थ्य बीमा, आवासीय सहायता, और कौशल विकास कार्यक्रम शामिल हैं। मुख्यमन्त्री ने कार्य स्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा एवं बेहतर कार्य परिस्थितियों पर विशेष जोर दिया।
मई दिवस के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में श्रमिकों ने मुख्यमंत्री के इस कदम की सराहना की और कहा कि यह उनके लिए आशा की किरण है। उन्होंने बताया कि आर्थिक सहायता मिलने से वे अपनी जीवन स्थिति में सुधार कर सकेंगे। समारोह में स्थानीय प्रशासन और श्रमिक संघ के अधिकारी भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगे भी राज्य सरकार कल्याणकारी योजनाओं को और अधिक मजबूत बनाएगी ताकि सभी श्रमिकों तक लाभ पहुंचे और वे समाज में सम्मान एवं सुरक्षा महसूस करें। उन्होंने नागरिकों को भी शुभकामनाएं दीं और कहा कि श्रमिक वर्ग की प्रगति से ही राज्य की समृद्धि सुनिश्चित होगी।

