चेन्नई से प्रकाशित द हिंदू बिजनेसलाइन के पूर्व पत्रकार विनय कामथ ने हाल ही में अपनी किताब की सफलता को लेकर प्रतिक्रिया दी है, जो टाइटन कंपनी की यात्रा पर आधारित है और 2026 के प्रमुख स्ट्रीमिंग प्लेटफार्मों में से एक के रूप में लोकप्रिय हो रही है। इस पुस्तक ने टाइटन के उत्कर्ष और भारतीय उद्योग में उसकी भूमिका को विस्तार से दर्शाया है।
विनय कामथ ने अपनी किताब में टाइटन की स्थापना से लेकर उसके वैश्विक मुकाम तक के सफर को गहराई से उजागर किया है। उनकी पत्रकारिता के वर्षों के अनुभव ने इस किताब को तथ्यात्मक और विश्वसनीय सामग्री से परिपूर्ण बनाया है, जिससे यह न केवल व्यवसायिक जगत के लिए उपयोगी है, बल्कि आम पाठकों के लिए भी आकर्षक है।
जब इस पुस्तक को ‘मेड इन इंडिया: ए टाइटन स्टोरी’ नामक एक स्ट्रीमिंग श्रृंखला के रूप में अनुकूलित किया गया, तो यह एक बड़ी सफलता बन गया। विनय कामथ ने बताया कि उनके लिए यह एक गर्व का क्षण था जब उन्होंने अपनी मेहनत की पड़ताल स्क्रीन पर देखी। यह श्रृंखला न केवल टाइटन की कहानी बयां करती है, बल्कि यह भारत में उद्योग के विकास और नवाचार को भी दर्शाती है, जो युवाओं और उद्यमियों के लिए प्रेरणादायक है।
टाइटन भारतीय बाजार में अपनी स्थापित पहचान के अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है। विनय ने कहा कि इस उपलब्धि के लिए कंपनी के संस्थापकों और कर्मियों की कड़ी मेहनत, समर्पण और दूरदर्शिता अहम रही है। उनकी पुस्तक ने इस पहलू को पूरी सच्चाई के साथ सामने रखा है।
समाचार जगत में लंबे समय तक काम करते हुए विनय कामथ को पता है कि एक कहानी को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए गहन शोध और सही तथ्यों की जरुरत होती है। उन्होंने इस किताब को लिखते समय यह बात विशेष ध्यान में रखी, जिससे यह उच्च स्तरीय दस्तावेज बन सका जो टाइटन के इतिहास को सजीव करता है।
फिलहाल, ‘मेड इन इंडिया: ए टाइटन स्टोरी’ दर्शकों के बीच व्यापक चर्चित हो रही है और भारतीय उद्योग के गौरव को नए आयाम दे रही है। इस सफलता ने विनय कामथ के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल दिये हैं, जिससे वे और भी व्यवसायिक कहानियों को सामने लाने के लिए प्रेरित हैं।

