नई दिल्ली, 3 जुलाई: केंद्र सरकार द्वारा ₹10,000 करोड़ की कंटेनर निर्माण योजना, जो बजट 2026-27 में घोषित की गई थी, का पहला नतीजा अब सामने आया है। इस योजना के तहत पहली बार भारत में निर्मित एक्सपोर्ट-इंपोर्ट (EXIM) कंटेनर का अनावरण दादरी में हुआ, जिसे डीसीएम श्रीराम ग्रुप ने बनाया है। यह खास कंटेनर वैश्विक शिपिंग कम्पनी मिक्स्क के लिए तैयार किया गया है, जिसने इसके बाद एक हजार और कंटेनरों के ऑर्डर दिए हैं।
यह पहल भारत के कंटेनर निर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। वर्तमान वैश्विक शिपिंग संकट और कंटेनर की कमी ने देश के व्यापार को काफी प्रभावित किया था जिससे सरकार ने इस क्षेत्र में निवेश को प्राथमिकता दी है। डीसीएम श्रीराम ग्रुप की यह उपलब्धि न केवल उद्योग जगत में आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है बल्कि भारतीय कंटेनर निर्माण क्षमता को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
शिपिंग सेक्टर के विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में कंटेनर निर्माण से न केवल आयात पर निर्भरता कम होगी, बल्कि निर्यातक कंपनियों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। इसके अलावा, देश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक विकास में मदद मिलेगी। मिक्स्क कंपनी के साथ यह रणनीतिक सहयोग भविष्य में भारत को ग्लोबल शिपिंग में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बना सकता है।
कंटेनर उत्पादन योजना के तहत सरकार ने उच्च गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य निर्धारण हेतु अनुकूल नीतियां बनाई हैं। इससे देश में लॉजिस्टिक्स की गति तेज होगी और व्यापारिक लागत कम होगी। इससे निर्यातकों को लाभ पहुंचेगा जो भारत की आर्थिक वृद्धि को और मजबूत बनाता है।
इस महत्वपूर्ण विकास की जानकारी देते हुए एक सरकारी अधिकारी ने कहा, “यह सफलता दर्शाती है कि भारत अपने लॉजिस्टिक्स और उत्पादन सेक्टर में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में निश्चित कदम उठा रहा है। हमें उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में और भी कंपनियां इस दिशा में आएंगी।” अनावरण समारोह में उद्योग जगत के उच्च अधिकारी और नीति निर्माता उपस्थित थे जिन्होंने इस पहल की सराहना की।
भारतीय कंटेनर निर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए यह एक मील का पत्थर साबित होगा और देश के निर्यात कारोबार में नई जान फूंकने में सहायक होगा। सरकार की यह पहल न सिर्फ शिपिंग संकट से निपटने का समाधान है बल्कि देश के आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

