नई दिल्ली। जून माह में चीन के निर्यात में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है, जो कि अर्थशास्त्रियों की उम्मीदों से कहीं अधिक है। मई के मुकाबले जून में निर्यात 19.4% की बढ़ोतरी के साथ सालाना आधार पर तेज़ी से बढ़ा है। इस वृद्धि के पीछे मुख्य कारण उभरती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हुई मजबूत मांग को माना जा रहा है।
चीन की सरकारी एजेंसियों ने बताया कि इस साल के दूसरे क्वार्टर में निर्यात में निरंतर उछाल देखने को मिला है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि AI व टेक्नोलॉजी के साथ जुड़ी कंपनियों ने वैश्विक बाजार में चीन के उत्पादों की मांग को बढ़ा दिया है। इससे देश की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिली है।
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने बयान में कहा कि AI बूम ने इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और अन्य उन्नत तकनीकों के आयात-निर्यात में बड़ा योगदान दिया है। वैश्विक स्तर पर तकनीकी उत्पादों की मांग में इजाफा हुआ है, जिससे चीनी निर्यातकों को लाभ हुआ है। इसके अलावा, अमेरिका और यूरोप जैसे बाजारों में भी चीन के स्मार्ट उपकरणों की मांग बढ़ी है।
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना महामारी के बाद वैश्विक सप्लाई चेन में भारी व्यवधान के कारण कुछ समय तक निर्यात धीमा था, लेकिन अब AI और डिजिटल तकनीक की आवश्यकता बढ़ने से मांग तेज़ हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि चीन को अपनी निर्यात नीति में और सुधार करना होगा ताकि यह वृद्धि सतत बनी रहे।
चीन के निर्यात में यह उल्लेखनीय उछाल स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा देता है और आर्थिक विकास के मौजूदा ट्रेंड को मजबूती प्रदान करता है। सरकार ने अपने निर्यात प्रोत्साहन उपायों को और बढ़ाने की योजना बनाई है, ताकि देश विश्व व्यापार में अपनी स्थिति और सुदृढ़ कर सके।
इस प्रकार, जून में चीन की निर्यात वृद्धि ने वैश्विक आर्थिक गतिविधियों में नयी उम्मीद जगाई है। निर्यात बढ़त के साथ ही देश की आर्थिक गतिशीलता में सुधार और रोज़गार के अवसर बढ़ने की संभावना भी प्रबल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चीन निरंतर नवाचार और गुणवत्ता सुधार पर ध्यान केंद्रित करता रहा तो ये निर्यात वृद्धि दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ साबित हो सकती है। इस वृद्धि से चीन की वैश्विक आर्थिक हिस्सेदारी में भी वृद्धि होगी, जो देश की स्थिरता के लिए आवश्यक है।

