नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पांडुचेरी के लिए वित्त वर्ष 2027 का बजट अनुमोदित कर दिया है। इस बजट का कुल आकार ₹14,300 करोड़ है, जिसे केंद्र की मंजूरी के बाद पांडुचेरी की विधायिका में पेश किया जाएगा। इस वित्तीय विवरण को राष्ट्रपति ने भी मंजूरी दी है, जो संघ राज्य क्षेत्र की विधायी सभा में प्रस्तुत किया जाएगा।
पांडुचेरी के वित्त विभाग ने इस बजट को लेकर विस्तार से जानकारी प्रदान की है। इस बजट में विभिन्न विकास कार्यों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिनका उद्देश्य क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति देना है।
वित्त वर्ष 2027 का यह बजट पिछले वर्षों की तुलना में अधिक व्यय केंद्रित है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार स्थानीय स्तर पर आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास में सुधार लाना चाहती है।
बजट में मुख्य रूप से सड़क निर्माण, जलापूर्ति, बिजली आपूर्ति एवं डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया गया है। इसके अलावा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों के लिए भी विशेष राशि आवंटित की गई है।
पांडुचेरी के मुख्यमंत्री ने इस बजट को जनता के हित में एक बड़ा कदम बताया है। उन्होंने कहा कि केंद्र की मंजूरी से राज्य क्षेत्र को आर्थिक स्थिरता मिलेगी और विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।
राज्य के वित्त मंत्री ने बताया कि इस बजट के जरिए रोजगार सृजन, छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए सहायता तथा सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों को भी बढ़ावा मिलेगा। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने हालांकि कुछ प्रावधानों पर चर्चा करते हुए सरकार से बेहतर पारदर्शिता का आग्रह किया है।
इस वित्तीय योजना को लागू करने के लिए राज्य प्रशासन ने विशेष निगरानी समिति का गठन भी किया है, जो बजट की प्रगति और खर्च की समीक्षा करेगी।
सार्वजनिक क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के साथ ही इस बजट का लक्ष्य पांडुचेरी को एक विकसित और आत्मनिर्भर संघ राज्य क्षेत्र बनाना है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए अधिक अवसर उत्पन्न हो सकें।
इस बजट के अनुमोदन से पांडुचेरी की आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद है और राज्य में जीवन स्तर को बेहतर बनाया जाएगा।
आगामी महीनों में इस बजट की विस्तृत समीक्षा और विभिन्न हितधारकों के साथ संवाद जारी रहेगा, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। इस प्रकार, पांडुचेरी के लिए यह बजट विकास की एक महत्वपूर्ण दिशा तैयार करता है।

