नई दिल्ली। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने ग्रामीण आवास योजना के सर्वेक्षण की तारीख 15 अगस्त तक बढ़ा दी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय परियोजनाओं को और मजबूती मिलेगी। इस योजना के लिए कुल ₹12,000 करोड़ से अधिक की राशि आवंटित की गई है, जो ग्रामीण विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने इस संबंध में कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में रहने वालों को किफायती और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। इस बार के सर्वेक्षण में जो भी योग्य परिवार पाये जायेंगे, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत मकान दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रत्येक घर में शौचालय, स्वच्छ जल आपूर्ति और बिजली की सुविधा भी निःशुल्क प्रदान की जाएगी, जिससे ग्रामीणों का जीवन स्तर सुधरेगा।
मंत्रालय ने बताया कि पिछले वर्षों में इस योजना के माध्यम से लाखों गरीब परिवारों को स्थायी आवास प्रदान किया गया है। इस बार सर्वेक्षण की समय सीमा बढ़ाये जाने से ग्रामीण इलाकों में ज्यादा से ज्यादा लोगो तक योजना का लाभ पहुँचाने का प्रयास होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ₹12,000 करोड़ से अधिक की राशि के आवंटन से ग्रामीण इलाकों में बुनियादी संरचनाओं में सुधार होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, यह पहल ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित करेगी, क्योंकि निर्माण कार्यों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने आम जनता से आग्रह किया है कि वे इस सर्वेक्षण में भाग लें और योजना के तहत मिलने वाले लाभों के लिए पात्रता की जांच करवाएं। साथ ही, इस अवसर का उपयोग करके अपने क्षेत्र के विकास में हिस्सा लें।
सरकार ने जोर दिया है कि ग्रामीण भागों के समग्र विकास के लिए आवास योजना बहुत ही अहम कड़ी है और इसकी सफलता से गरीबों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। इस प्रोजेक्ट के सफल कार्यान्वयन से देश के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने की तस्वीर बदल जाएगी और स्वस्थ, सुरक्षित एवं समृद्ध गांव बनेंगे।

