विजयवाड़ा। एपीईपीडीसीएल (आंध्र प्रदेश पूर्वी विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड) के कर्मचारियों ने अपनी 20 मांगों को लेकर प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कर्मचारियों ने वेतन पुनरीक्षण समिति का गठन, नियमितीकरण और पुरानी पेंशन योजना की बहाली सहित कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रबंधन दो सप्ताह के भीतर इन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं करता है, तो वे 10 अगस्त को विजयवाड़ा सहित पूरे राज्य में व्यापक हड़ताल करेंगे।
कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने बताया कि पिछले कई वर्षों से वेतन वृद्धि और पेंशन अधिकारों को लेकर उनकी लगातार अनदेखी हो रही है। इस बार उन्होंने एक विस्तृत मांगपत्र तैयार किया है, जिसमें प्रमुख रूप से वेतन पुनरीक्षण समिति का गठन, नियमितीकरण की प्रक्रिया तेज करना, पुरानी पेंशन योजना को बहाल करना, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार, बेहतर कार्य परिस्थितियों और कर्मचारी सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है।
कर्मचारियों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में सरकार द्वारा लागू की गई नई पेंशन योजना कर्मचारियों के लिए अनुचित और असुरक्षित साबित हुई है, जिससे वे भविष्य को लेकर चिंतित हैं। लगभग 20 महत्वपूर्ण मांगों के लागू ना होने की स्थिति में वे मजबूर होकर राज्यव्यापी आंदोलन की योजना बना रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने जोर देकर कहा कि वे उनका आवाज उठाने का अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार और कंपनी प्रशासन को चाहिए कि वे कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से लें और उनकी समस्याओं का त्वरित एवं स्थायी समाधान करें।
प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कर्मचारियों की मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो इससे विद्युत वितरण सेवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि कर्मचारी हड़ताल के दौरान काम बंद कर देंगे।
राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी इस स्थिति को लेकर सक्रियता दिखाने की जरूरत है, ताकि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान हो सके और विद्युत सेवाओं में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
यह आंदोलन न केवल कर्मचारी हितों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि विद्युत वितरण व्यवस्था की स्थिरता बनाए रखने के लिए भी एक चेतावनी है। आने वाले दिन इस मामले में क्या निर्णय होता है, यह पूरी तरह से राज्य प्रशासन और प्रबंधन पर निर्भर करेगा।

