Headline
China’s ’Great Green Wall’ tames desert growth, but scientists say fight is not over
चीन की ‘महान हरित दीवार’ ने रेत के बढ़ाव को रोका, लेकिन वैज्ञानिक कहते हैं कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है
Shringeri Sharadamba Temple – The Sacred Abode of Goddess of Wisdom
श्रingeri शारदांबा मंदिर – ज्ञान की देवी का पवित्र निवास स्थान
The composer in mridangist Arunprakash takes centre stage
मृदंग वादक अरुणप्रकाश के संगीत रचना ने बनाई अपनी अलग पहचान
US reimposes blockade on Iranian ports as Strait of Hormuz tensions escalate
अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर पुनः नाकेबंदी लागू की, होर्मुज की खाड़ी में तनाव बढ़ा
Karnataka announces govt-driven AI university; pitches state as global hub for responsible AI
कर्नाटक ने सरकारी पहल पर आधारित एआई विश्वविद्यालय की घोषणा; राज्य को जिम्मेदार एआई के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने का प्रयास
Sooryavanshi to change separately from India team-mates in England
सोoryवांशी इंग्लैंड में भारत की टीम के साथ नहीं, अलग रहेंगे
Craft Council of Telangana to host Kausalyam 2026 in Hyderabad
तेलंगाना क्राफ्ट काउंसिल करेगा कौसल्यं 2026 का आयोजन हैदराबाद में
CBSE sees ‘practical’ way out of three-language resource crunch through retirees, ‘suitable’ PGs
CBSE ने सेवानिवृत्त शिक्षकों और PG शिक्षकों के माध्यम से तीन-भाषा नीति की समस्या का व्यावहारिक समाधान सुझाया
Covid inquiry PPE report - key findings
कोविड जांच पीपीई रिपोर्ट – मुख्य निष्कर्ष
Craft Council of Telangana to host Kausalyam 2026 in Hyderabad

हैदराबाद, 27 अप्रैल 2024: तेलंगाना क्राफ्ट काउंसिल ने घोषणा की है कि वह वर्ष 2026 में कावसल्या कार्यक्रम का आयोजन हैदराबाद में करेगा। यह दो दिवसीय कार्यक्रम कारीगर समूहों के कार्य को प्रमुखता से प्रदर्शित करेगा और शिल्प जगत के विभिन्न पहलुओं को उजागर करेगा।

कौसल्यं 2026 का मुख्य उद्देश्य भारतीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देना तथा स्थानीय कारीगरों की प्रतिभा और परंपराओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करना है। इस कार्यक्रम में कला एवं शिल्प के विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ सम्मिलित होंगे, जो शिल्प वार्ता आयोजित करेंगे। इन वार्ताओं के माध्यम से कारीगरों को तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों से निपटने में मदद मिल पाएगी।

कार्यक्रम के दौरान एक विशेष वस्त्र संग्रहालय का भी आयोजन होगा, जिसमें भारतीय सूती और रेशमी वस्त्रों की दुर्लभ और क्यूरेटेड प्रदर्शनी लगाई जाएगी। यह संग्रहालय भारतीय कपड़ा और वस्त्र निर्माण की समृद्ध विरासत को दर्शाएगा, जिसे कारीगरों ने पीढ़ियों से संजोया है। इसके अतिरिक्त, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की जाएंगी, जिनमें लोक नृत्य, संगीत और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होंगे। यह सांस्कृतिक मंच कारीगरों के साथ-साथ आगंतुकों को भी परंपराओं से जोड़ने का अवसर देगा।

तेलंगाना के मंत्री कला एवं संस्कृति ने कहा, “कौसल्यं 2026 केवल एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह भारतीय हस्तशिल्प की आत्मा को उजागर करने का एक पवित्र मंच है। हमारा प्रयास है कि इस आयोजन के जरिए स्थानीय कारीगरों को नई पहचान मिले और शिल्प की परंपराएं यथासंभव सुरक्षित रहें।”

कार्यक्रम में राज्य सरकार सहयोग भी सुनिश्चित करेगी ताकि कारीगरों के उत्पादों का विपणन प्रभावी रूप से हो सके और वे आर्थिक रूप से सुदृढ़ हों। इस आयोजन को लेकर कारीगर समुदाय मे उत्साह देखा जा रहा है, जो मानते हैं कि यह एक बड़ा अवसर होगा उनकी कला को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का।

कौसल्यं 2026 का आयोजन तेलंगाना को शिल्प और हस्तकला क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। यह ना केवल स्थानीय कारीगरों के लिए बल्कि पूरे देश के हस्तशिल्प प्रेमियों के लिए एक समृद्ध अनुभव साबित होगा। आयोजन से जुड़े सभी पक्ष इस कार्यक्रम की सफलता के लिए प्रतिबद्धता जताते हुए जल्द ही विस्तृत कार्यक्रम विवरण साझा करने वाले हैं।

Source