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Box Office Collection: दुनियाभर में छाई ‘Jana Nayagan’, वहीं ‘Dhamaal 4’ भी कर रही ताबड़तोड़ कमाई; जानें दोनों फिल्मों का हाल
PM Modi in Andhra Pradesh: ‘पहले हवाई अड्डों के नाम सिर्फ एक ही परिवार पर रखे जाते थे’, विजयनगरम से विपक्ष पर निशाना
Paper Leak Law: राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद परीक्षा संशोधन कानून लागू, दोषियों को 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना
गाजा में शांति की उम्मीद या नई रणनीति? हमास हथियार छोड़ने को तैयार, लेकिन इजरायल की चुप्पी से बढ़ा सस्पेंस
अमेरिका-ईरान तनाव बरकरार, फिर भी होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ी जहाजों की आवाजाही; 90 डॉलर के आसपास बना हुआ है कच्चा तेल
PM Kisan Yojana: 2031 तक जारी रहेगी योजना, 3.15 लाख करोड़ की मंजूरी; जानें 24वीं किस्त कब आ सकती है
Kuldeep Yadav: जिस स्पिनर को टीम इंडिया में नहीं मिल रहा मौका, वही इंग्लैंड में मचा रहा कहर; बेन स्टोक्स भी हुए फिरकी का शिकार
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश: गोरखपुर के जिला अस्पताल से अपहृत 10 वर्षीय बालिका के दुष्कर्म और हत्या मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। अब तक पुलिस गला दबाकर हत्या की आशंका जता रही थी, लेकिन चिकित्सकीय जांच में सामने आया है कि आरोपित ने बालिका के शरीर पर धारदार हथियार से कई वार किए थे। रिपोर्ट के अनुसार जंघा, पेट और जबड़े पर गंभीर घाव मिले हैं, जिनसे अंदरूनी अंग भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों ने अपनी रिपोर्ट में इन चोटों का विस्तृत उल्लेख किया है। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये सभी चोटें बालिका के जीवित रहते पहुंचाई गई थीं या मृत्यु के बाद। इस संबंध में चिकित्सकों और फोरेंसिक विशेषज्ञों की राय भी ली जा रही है, ताकि विवेचना को और मजबूत बनाया जा सके। जांच अधिकारियों का मानना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए नए तथ्यों से अभियोजन पक्ष को महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलेंगे। पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल किए गए धारदार हथियार की बरामदगी को प्राथमिकता दे रही है। इसके लिए आरोपित को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी की जा रही है। एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि पुलिस चिकित्सकीय साक्ष्य, फोरेंसिक रिपोर्ट और डीएनए जांच समेत सभी वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी से केस और मजबूत होगा तथा अदालत में प्रभावी ढंग से साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकेंगे। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषी को कानून के तहत कड़ी सजा दिलाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

भारत में 191 प्रकार के तिलचट्टों का घर, जिनमें 60% प्रजातियां स्थानीय हैं: ZSI अध्ययन

नई दिल्ली: देश के वैज्ञानिकों ने एक महत्वपूर्ण जैव विविधता अध्ययन में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पंजाब के ज़ूलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया (ZSI) और प्रोफेसर रामकृष्ण मोरे कॉलेज की टीम ने प्रायद्वीपीय भारत के तिलचट्टों (cockroaches) के लिए पहली और सबसे बड़ी डीएनए बारकोड संदर्भ पुस्तकालय विकसित की है। यह पहल तिलचट्टों के वैज्ञानिक […]

पूर्वी घाट की पुरस्कार विजेता तस्वीरों पर आंध्र के फोटोग्राफर रुखिया मोहम्मद का अनुभव

रुखिया मोहम्मद, आंध्र प्रदेश की प्रतिभाशाली फोटोग्राफर, को उनके उत्कृष्ट प्राकृतिक फोटोग्राफी कार्य के लिए नेचर इनफोकस अवॉर्ड 2025 से सम्मानित किया गया है। इस पुरस्कार ने उन्हें स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है, खासकर उनके द्वारा पूर्वी घाट के बदलते परिदृश्यों को कैप्चर करने के लिए। रुखिया ने अपने विचार साझा करते […]

वैज्ञानिक कैसे ‘डीएनए मैप्स’ का उपयोग कर रहे हैं पांगोलिन तस्करी के हब्स का पर्दाफाश करने के लिए

अंतरराष्ट्रीय बंदीकरण की रिपोर्टों से पता चलता है कि चीन में पकड़े गए पांगोलिन तस्करी के मामलों के स्रोत दोनों, यानी देश के बाहर और अंदर से, हैं। शोध में ऐसा खुलासा हुआ है कि भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र, खासकर अरुणाचल प्रदेश और असम के आसपास का एक जाल चीन के युनान प्रांत तक तस्करी […]

अफ्रीका से लौट रहे सैटेलाइट टैग किए अमूर बाज भारत पार करने के लिए तैयार

मणिपुर, 2025: विख्यात अमूर बाज जिन्हें विशेष सैटेलाइट टैगिंग के माध्यम से ट्रैक किया जा रहा है, अफ्रीका से उड़ान भरकर भारत की ओर लौट रहे हैं। ये पक्षी अपनी लंबी दूरी की माइग्रेशन के दौरान मणिपुर से रवाना होकर सोमालिया जैसे दूरस्थ और गर्म क्षेति तक जाते हैं। इस वर्ष की शुरुआत में टैगिंग […]

इस वर्ष के मानसून से पहले IMD ने क्या घोषणा की? | विस्तार से जानें

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मानसून कोर ज़ोन में आने वाले 15 राज्यों को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ये राज्य मानसून के दौरान अत्यधिक प्रभावित होते हैं, इसलिए इन्हें सबसे पहले ब्लॉक स्तर की मौसम की खबरें देने का निर्णय लिया गया है। इससे किसानों, स्थानीय प्रशासन और सामान्य जनता को बेहतर […]

निकोबारी मंडल ने तीन वन्यजीव अभयारण्यों की प्रस्तावित योजना का विरोध किया

नई दिल्ली। निकोबार द्वीपसमूह के निवासियों की अनदेखी करते हुए केंद्र सरकार द्वारा लिटिल निकोबार, मरोए और मेन्चल द्वीपों पर तीन वन्यजीव अभयारण्यों की स्थापना योजना पर स्थानीय त्राइबल काउंसिल ने कड़ा विरोध जताया है। ट्राइबल काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि इस महत्वपूण्‍न फैसले से पहले तटीय और द्वीपीय समुदायों से कोई परामर्श नहीं […]

पेडी के गो इको महीने की मदद से भारतीय डाइवर्स ने महासागर की रक्षा की नई पहल शुरू की

पेडी के गो इको महीने में भारतीय डाइवर्स ने समुद्री संरक्षण को नई ऊंचाई दी अप्रैल में आयोजित पेडी के गो इको महीने के दौरान, भारत के विभिन्न समुद्री क्षेत्रों में गोताखोरों ने अपने अवकाश को संरक्षण कार्य से जोड़ कर एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम की है। गोवा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह जैसे तटीय […]

कोर्ग के कई मेंढकों के रहस्यमय जीवन पर एक नज़र

कोर्ग, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और जैवविविधता के लिए प्रसिद्ध है, में अबमेंढकों की दुनिया पर एक नई रोशनी डाली गई है। राउंडग्लास सस्टेन द्वारा निर्मित एक फिल्म में पर्यावरणविद् डॉ. विष्णुप्रियासंकरारामन की कोर्ग की चाय बागानों में रोमांचक यात्रा को दर्शाया गया है, जहाँ उन्होंने लगभग 36 विभिन्न मेंढक प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया है। […]

पवन कल्याण के पोस्ट के बाद संकटग्रस्त मोर मकड़ी बनी चर्चित

आंध्र प्रदेश के नगरजुनसागर श्रीसैलम टाइगर रिजर्व में संकटग्रस्त मोर मकड़ी (Peacock Tarantula) के संरक्षण के उद्देश्य से वैज्ञानिक सर्वेक्षण प्रारंभ कर दिया गया है। यह सर्वेक्षण इस दुर्लभ और संवेदनशील प्रजाति की आबादी तथा उसके प्राकृतिक आवास का मानचित्रण करने के लिए किया जा रहा है। नगरजुनसागर श्रीसैलम टाइगर रिजर्व में चल रहे इस […]

परिवर्तित उपमहाद्वीप में आक्रामक प्रजातियाँ हो सकती हैं गलत दुश्मन

नई दिल्ली। उपमहाद्वीप के बदलते जलवायु परिवेश में विदेशी आक्रामक प्रजातियों (Invasive Alien Species) के प्रभाव को समझना आज एक बड़ी चुनौती बन गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि आक्रामक प्रजातियों को हटाने के लिए कितनी जमीन साफ़ की गई, इस बात को गिनना सरल है, लेकिन उसी क्षेत्र की मिट्टी में नमी की […]